धुंध और कोहरे में ट्रेनों के समयपालन को यकीनी बनने के लिए ट्रेनों की रिपोर्टिंग डिवीजन लेवल पर होगी। यह फैसला रेलवे बोर्ड की ओर से जारी एक आदेश में लिया गया है। कोहरे में ट्रेनों की रफ्तार को बनाए रखने और समयपालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी डिवीजन के एडीआरम को की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सर्दी के दौरान कोहरे में उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले सभी डिवीजन में ट्रेनों का समयपालन बिगड़ जाता है। ऐसे में ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बार कोहरे में ट्रेनों की समयपालन को यकीनी बनने के लिए रेलगाड़ियों की निगरानी का अधिकार पहली बार डिवीजन के पास दिया गया है।
रेलवे बोर्ड के आदेश में रेलवे सूचना प्रणाली (क्रिस) में एडीआरम के यूजर आईडी व पासवर्ड सिस्टम में अपलोड किया जाएगा ताकि समयपालन की निगरानी में उनका हस्तक्षेप हो। कोहरे में ट्रेनों का समय पालन 50 से 60 प्रतिशत तक रह जाता है।