घाटी में चार महीने की हिंसा और स्कूलों में आगजनी की लगातार हो रही घटनाओं के बीच बोर्ड परीक्षाओं के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस अपनी पूरी ताकत झोंकने में जुट गई है।
पहले स्कूलों में आगजनी मामले पर हाईकोर्ट की ताकीद और वीरवार को 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा से पुलिस अमला एक्टिव हो गया है। सिविल प्रशासन ने घाटी के संवेदनशील इलाकों में कमेटियों का गठन कर एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हिंसक वारदातों के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने पेट्रोल की बिक्री पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारिक आदेश के अनुसार पेट्रोल की अनाधिकृत बिक्री पर सख्ती से रोक लगानी होगी। पेट्रोल का इस्तेमाल स्कूलों में आगजनी के लिए बम के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
घाटी में 14 नवंबर से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रहीं हैं। परीक्षाओं के विरोध में स्वर पहले से मुखर हैं। स्कूलों में आगजनी की घटनाएं जारी हैं। इस बार चुनौती इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि दो दर्जन से ज्यादा स्कूली इमारतें जलाई जा चुकी हैं।
सरकार ने निजी स्कूलाें में परीक्षा केंद्र बनाने की रिवायत खत्म कर दी है। सभी केंद्र सरकारी इमारतों में ही बनेंगे। ऐसे में सरकारी इमारतों के सीमित दायरे और हमलों की आशंका के बीच परीक्षाओं का शांतिपूर्ण आयोजन टेढ़ी खीर माना जा रहा है।