सेंट्रल यूनिवर्सिटी आफ जम्मू, सेंट्रल यूनिवर्सिटी कश्मीर और सेंट्रल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश में एमओयू (मेमोरेंडम आफ अंडरस्टेंडिंग) में विद्यार्थियों, फैकल्टी और स्टाफ को लाभ देने की कवायद शुरू की गई है। शुक्रवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू में हुई अहम बैठक में तीनों विश्वविद्यालयों में कई मुद्दों पर साथ मिलकर काम करने का फैसला लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू के कुलपति प्रो. अशोक आइमा ने कहा कि गत मई माह में तीनों विश्वविद्यालयों में हुए एमओयू के तहत विभिन्न मुद्दों पर काम तेज किया जाना चाहिए।
इसमें विद्यार्थियों, फैकल्टी और स्टाफ को राहत देने के साथ टीचिंग और नान टीचिंग स्टाफ के लिए संयुक्त एचआरडी केंद्र, एचआर को विकसित करने, विश्वविद्यालयों में रिसर्च डिग्री प्रोग्राम (आरडीपी) का संयुक्त नेतृत्व, कोर्सों के दाखिले के लिए संयुक्त एंट्रेंस टेस्ट, यूजीसी मानदंडों के तहत च्वॉइस बेसड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने, विश्वविद्यालयों में प्रोजेक्टों पर संयुक्त रूप से काम करने के साथ प्रकाशन करना, ई-कंटेंट, ई-रिसोर्स को विकसित करने, माह में संयुक्त वीडियो कान्फ्रेंस करने, संयुक्त रूप से सेमीनार, वर्कशाप, कांफ्रेंस, लेक्चरर आदि करना शामिल है।
इसके अलावा फैकल्टी और रिसर्च स्कालरों को एक्सचेंज करने, तीनों विश्वविद्यालयों में सामूहिक शोध और कौशल विकास केंद्र स्थापित करने, विश्वविद्यालयों के विकास और कंसलटेंसी आपरेशन करने आदि पर भी जोर दिया गया। कुलपति प्रो. अशोक आइमा ने कहा कि तीनों विश्वविद्यालयों में समन्वय को मजबूत बनाकर काम करने की जरूरत है। इस दौरान डीन स्कूल एजूकेशन प्रो. लोकेश वर्मा, प्रो. दीपक राज गुप्ता, प्रो. नंदनी भट्टाचार्य, प्रो. मोहम्मद असलम, प्रो., एनए नदीम आदि मौजूद रहे।