गुलमर्ग। तीन महीने पहले दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए दुखद आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन खासकर लोकप्रिय पर्यटन स्थल गुलमर्ग में धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है। पर्यटक एक बार फिर इस क्षेत्र में आ रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा जता रहे हैं और साथी पर्यटकों से बिना किसी डर के घाटी घूमने का आग्रह कर रहे हैं।
कई पर्यटकों ने आतिथ्य और सुरक्षा उपायों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कश्मीर सुरक्षित है और यहां आने में किसी तरह नहीं है। दिल्ली से आई रजनी ने कहा, ''''कश्मीर घाटी में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था है। हम यहां सुरक्षित महसूस कर हैं। लोग भी काफी मेहमाननवाज़ हैं। इसलिए यहां आने में किसी तरह का कोई डर नहीं है। अन्य लोगों को भी आकर कश्मीर की सुंदरता और गर्मजोशी का अनुभव करना चाहिए।'''' एक अन्य पर्यटन रजनीश शर्मा ने कहा कि घटना के बाद काफी समय तक लोगों में भय का माहौल ज़रूर रहा। लेकिन अब वो धीरे-धीरे निकल रहा है। अमरनाथ यात्रा भी जारी है, उससे भी एक सकारात्मक संदेश गया है। इसलिए अब यहां अच्छी संख्या में पर्यटक लौटना शुरू हुए हैं।'''' उन्होंने कहा कि किसी घटना के कारण किसी विशेष जगह का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। स्थानीय लोगों की कोई गलती नहीं। इस बीच पर्यटकों को देख स्थानीय कारोबारी भी खुश नज़र आ रहे हैं। स्थानीय एटीवी चालक मोहम्मद सुभान ने कहा कि अब पर्यटक आना शुरू हुए हैं। कब थोड़ा बड़ा है लेकिन उम्मीद है कि आगे और भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्र अभी भी सुरक्षा कारणों से बंद हैं उन्हें खोल देना चाहिए ताकि पर्यटक उन जगहों का भी अनुभव ले सकें और हमारा भी रोज़गार बढे।
गौरतलब है कि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए गए हैं। गुलमर्ग विकास प्राधिकरण के सीईओ तारिक अहमद नाइक ने कहा, ''''चौबीसों घंटे निगरानी के लिए प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं।'''' हमारा ध्यान हर पर्यटक के लिए एक सुरक्षित और संरक्षित वातावरण प्रदान करना है। बेहतर निगरानी और जमीनी स्तर पर मौजूदगी के साथ अधिकारी इस बात को लेकर आशान्वित हैं कि आने वाले हफ़्तों में कश्मीर का पर्यटन उद्योग पूरी तरह से पटरी पर लौट आएगा।