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J&K: किश्तवाड़ में एक साल में चार बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले हिजबुल के तीन आतंकी गिरफ्तार

Mon, 23 Sep 2019 01:00 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • आईजीपी जम्मू जोन का खुलासा, पकड़े गए तीनों आरोपियों ने आतंकी साथियों के लिए बनाए थे ठिकाने
  • हिजबुल नेटवर्क के सरगना समेत अब 55 आतंकियों की धरपकड़ के लिए चलाया जा रहा अभियान
  • परिहार बंधुओं, संघ नेता की हत्या और हथियार छीनने की वारदातों में थे शामिल
  • किश्तवाड़ में आतंकवाद को जिंदा करने के इरादे से तैयार किया था आतंकी नेटवर्क
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गिरफ्तार आतंकी - फोटो : ANI
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विस्तार
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दस माह के दौरान किश्तवाड़ में हुईं चार वारदातों में शामिल तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीनों आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन तंजीम के हैं। पुलिस ने इन वारदातों का मास्टर माइंड मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरूरी को करार दिया है, जिसके समेत कुल 55 लोगों की तलाश की जा रही है।
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पकड़े गए तीन आतंकियों की पहचान निशाद अहमद, आजाद हुसैन और निसार अहमद शेख के रूप में हुई है। इन तीनों ने  किश्तवाड़ के ही रहने वाले इन तीनों आरोपियों ने वारदातों में सरगना और साथियों की मदद की थी। आईजीपी जम्मू मुकेश सिंह ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा किया है। 
 

आईजीपी ने बताया कि वर्ष 2016-2017 में सरूरी ने चिनाब घाटी में आतंकवाद को दोबारा जिंदा करने की प्लानिंग बनाई। सरूरी ने निसार अहमद शेख, जाहिद और ओसामा हारून को वारदातों की साजिश में शामिल किया। इसी दौरान किश्तवाड़ का रहने वाला रुस्तम नाम का व्यक्ति भी इनके साथ जुड़ गया। रुस्तम ने निसार अहमद शेख और ओसामा के कहने पर अपने साथ निशाद अहमद और आजाद हुसैन नाम के दो और लोगों को अपने साथ जोड़ा। 
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इसके बाद इन तीनों के घरों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए हाइड आउट बनाए गए। सुनियोजित तरीके से सबसे पहले भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई की हत्या की गई। इसके बाद डीसी के पीएसओ का हथियार छीना गया। तीसरी वारदात में संघ नेता की हत्या की गई, जिसके बाद पीडीपी नेता के पीएसओ का हथियार छीना गया। 

आईजीपी के अनुसार पुलिस ने सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर इन वारदातों को अंजाम देने वालों का एक एक कर पता लगाया। वारदातों में शामिल छह आतंकी अभी भी सक्रिय रूप से चिनाब घाटी में हैं। जबकि इनके साथ काम करने वालों की कुल संख्या 55 है। चारों आतंकी वारदातों को ओसामा, निसार और जाहिद ने मिलकर अंजाम दिया। सभी घटनाओं की प्लानिंग निशाद अहमद और आजाद हुसैन के घर पर बनी।

चिह्नित 55 चेहरों में एक कश्मीरी   
किश्तवाड़ में आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले नेटवर्क में जिन 55 चेहरों की तलाश की जा रही है, उनमें से लगभग सभी चिनाब घाटी के ही रहने वाले हैं। च्रंदकांत शर्मा और पीडीपी नेता से हथियार छीनने की घटना में शामिल एक आतंकी मोइन उल इस्लाम कश्मीर घाटी का रहने वाला है।
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जानिए कौन थे अनिल परिहार
भाजपा के तत्कालीन प्रदेश सचिव अनिल परिहार प्रदेश में पार्टी के कदावर नेताओं में शुमार थे। डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह जिले में उनका काफी प्रभाव था। भारतीय जनता युवा मोर्चा के वह प्रदेशाध्यक्ष भी रहे। आतंकवाद ग्रस्त रहे डोडा और किश्तवाड़ में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। पार्टी ने उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में इंद्रवाल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रही थी। वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में भी काफी सक्रिय रहे। हालांकि टिकट न मिलने से हताश होकर उन्होंने 2008 में पैंथर्स पार्टी की टिकट पर भी चुनाव लड़ा था लेकिन सफल नहीं हो पाए और फिर भाजपा में शामिल हो गए। 

संघ से भी जुड़े रहे परिहार 
किश्तवाड़, डोडा जिले में आतंकवाद के दौरान भी तमाम सुरक्षा खतरों के बावजूद अनिल परिहार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गतिविधियों में सक्रियता से शामिल होते रहे। भाजपा व संघ दोनों डोडा, किश्तवाड़ जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अनिल परिहार को विश्वास में भी लेकर काम करते रहे और इसका लाभ भी भाजपा को साल 2014 में किश्तवाड़, डोडा के अलावा भद्रवाह विधानसभा सीट जीतकर मिला था।
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