नारकोटिक्स की तस्करी से पाकिस्तान राजोरी-पुंछ और अन्य क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ाने की फिराक में है। आईजी जम्मू मुकेश सिंह ने शनिवार को राजोरी में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राजोरी में सात किलोग्राम हेरोइन का पकड़ा जाना दर्शाता है कि पाकिस्तान राजोरी-पुंछ में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने के लिए नशा तस्करी का हथकंडा अपना रहा है।
आईजीपी ने बताया कि पकड़े गए तस्कर से पूछताछ के दौरान पुलिस ने कश्मीर घाटी के कुलगाम से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उसके बाद पुंछ से तीन लोगों को गिरफ्तार करके 4 किलोग्राम और हेरोइन भी पकड़ी है। कुल मिलाकर राजोरी-पुंछ से पकड़ी गई हेरोइन की कीमत करीब 11 करोड़ रुपये है। आईजीपी ने कहा कि पाकिस्तान नशा तस्करी क ो आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयोग कर रहा है।
पाकिस्तान जहां एक तरफ ड्रोन से गोला बारूद और हथियार भारतीय क्षेत्र में फेंक रहा है तो दूसरी ओर वह जमीन के माध्यम से राजोरी-पुंछ के एलओसी से सटे इलाकों में ओवर ग्राउंड वर्कर का प्रयोग कर हेरोइन जैसे मादक पदार्थ राजोरी-पुंछ में भेज रहा है, लेकिन सुरक्षा बल लगातार इन मंसूबों को नाकाम कर रहे हैं।
सेना के डिव हेडक्वार्टर पर हो सकता था हमला
शहर से सटे गुर्दन बाला क्षेत्र में शनिवार को लश्कर के जिन तीन आतंकियों को सेना और पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में दबोचा है, उनका मकसद राजोरी स्थित सेना के डिव हेडक्वार्टर पर हमला करना माना जा रहा है। सैन्य व खुफिया एजेंसी के सूत्रों के अनुसार पकड़े गए आतंकियों के पास से जो हथियार व गोला-बारूद बरामद हुआ है उसे वे कश्मीर घाटी नहीं ले जाना चाहते थे, बल्कि राजोरी में ही वारदात करने की फिराक में थे।
सूत्रों के अनुसार जिस स्थान से सेना व पुलिस ने आतंकियों को पकड़ा है वहां से पैदल पहाड़ी के रास्ते से सेना के राजोरी स्थित 25 इन्फेंट्री डिव हेडक्वार्टर में पहुंचा जा सकता है। राजोरी से हथियार लेकर कश्मीर घाटी जाना आसान नहीं है। सूत्रों के अनुसार पकड़े गए तीनों आतंकी राजोरी में या तो सेना या किसी अन्य ठिकाने पर हमला करके खून खराबा करना चाहते थे। पुलिस व सेना पकड़े गए तीनों आतंकियों से कड़ी पूछताछ कर राजोरी में उनके ओवर ग्राउंड वर्कर और स्लीपर सेल के बारे में पता लगाने में जुटी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पाकिस्तान बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में है। पाकिस्तान ड्रोन की मदद से बार-बार सीमा से सटे इलाके को टोहने की कोशिश कर रहा है। शुक्रवार शाम को फिर से मनियारी गांव के लोगों ने आसमान में पाकिस्तानी ड्रोन उड़ता देखा। कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया है। बीएसएफ के फायरिंग करने पर ड्रोन सरहद पार लौट गया। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया।
शुक्रवार शाम करीब पौने सात बजे यह ड्रोन गांव के ओवरहेड टैंक के नजदीक उड़ता देखा गया। इसकी जानकारी सीमा सुरक्षा बल और पुलिस को दी गई। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने इस पर तीन से चार राउंड फायर भी किए। इसके बाद ड्रोन लौट गया। करीब 10 मिनट तक यह ड्रोन इलाके में उड़ता रहा। वीरवार शाम को भी इसी इलाके में स्थानीय सरपंच ने ड्रोन को देखा था, जिसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई थी। बॉर्डर डीएसपी सचित महाजन ने बताया कि ड्रोन काफी ऊंचाई पर उड़ रहा था, इसलिए सिर्फ इसकी लाइट ही दिखाई दे रही थी। पिछले तीन दिनों में दो बार ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली है।
इसके चलते सीमा पर पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। शुक्रवार शाम और शनिवार सुबह फिर से इस इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। वहीं, दूसरी तरफ बनियाड़ी में सेना ने भी तलाशी अभियान चलाया। ड्रोन की मदद से नदी नालों और घने जंगलों को खंगाला गया। 20 जून को इसी गांव के नजदीक रठुआ में तारबंदी के नजदीक बीएसएफ ने पाकिस्तान का एक ड्रोन मार गिराया था, जिसमें भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद किए गए थे।