पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के बीच गांव में जमीन धंसने की घटना सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही प्रशासन राजस्व विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया।
राजगढ़ के तहसीलदार मेजर सिंह ने बताया कि भगत राम का एक गैर-आवासीय ढांचा बहकर क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं चाट राम, चमन लाल और भूषण लाल के घरों में जमीन धंसने के कारण दरारें आई हैं। प्रभावित परिवारों को अस्थायी रूप से रहने के लिए टेंट उपलब्ध कराए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नायब तहसीलदार समेत अन्य कर्मचारी गांव में तैनात हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई अन्य घरों में भी दरारें और नुकसान होने की जानकारी दी है।
स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई कि भारी बारिश के बाद बगलिहार जलविद्युत परियोजना से पानी छोड़े जाने के कारण जमीन अस्थिर हुई हो सकती है। अधिकारियों ने कहा कि जमीन धंसने और मकानों में दरार आने के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।
इस बीच, डोडा जिले के पुल डोडा के पास सोमवार सुबह चिनाब नदी की तेज धारा में बह गए एक व्यक्ति को एसडीआरएफ ने सुरक्षित बचा लिया। वह गैर-स्थानीय मजदूर था और रेत निकालने वाली मशीन के ऑपरेटर के रूप में काम करता था। अधिकारियों के मुताबिक, रेत खनन का ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया है। नदी में बह गई मशीन को बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं।