इंडियन सिस्टम आफ मेडिसन (आईएसएम) के तहत आयुर्वेदिक और यूनानी दवाइयों की सही निगरानी न करने पर जिला कठुआ की तीन डिस्पेंसरियों के इंचार्ज डाक्टरों (मेडिकल आफिसर) को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही राज्य स्तर पर जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है।
कमेटी सभी जिलों की दवाइयों की स्थिति के बारे में एक हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट देगी। जांच कमेटी में वरिष्ठ मेडिकल आफिसर डॉ. विनोद, आयुर्वेदिक अस्पताल के अधीक्षक डॉ. तरण सिंह, रेडियोलाजी के डॉ. अशोक शर्मा और एमडी विशेषज्ञ डॉ. विपिन शामिल हैं।
शनिवार को भी सतर्कता विभाग की टीम ने आईएसएम के सेंट्रल स्टोर जम्मू की जांच कर रिकार्ड सीज किया। आईएसएम के जनरल निदेशक (डीजी) डॉ. अब्दुल कबीर डार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे राज्य में दवाओं का स्टेट्स मांगा गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
दवाओं के नमूने जांच को बाहर भेजे जाएंगे
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- फोटो : Demp Pic.
शुक्रवार को राज्य सतर्कता विभाग की टीमों ने जम्मू, सांबा और कठुआ में कई डिस्पेंसरियों सहित अन्य स्थानों पर छापामारी कर आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के सैंपल उठाने के साथ रिकार्ड जब्त किया था। यह कार्रवाई घटिया स्तर की दवाओं की खरीद की शिकायत पर की गई।
आईएसएम निदेशालय स्तर पर प्राथमिक कार्रवाई में जिला कठुआ में आईएसएम की पारलीवंड डिस्पेंसरी, हमीरपुर डिस्पेंसरी और हीरानगर मोड़ स्थित डिस्पेंसरी के मेडिकल आफिसर को निलंबित किया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार गत 16 अगस्त को निदेशालय ने सभी केंद्रों से दवाओं का स्टेट्स मांगा था। लेकिन ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई। सतर्कता विभाग ने विभिन्न स्थानों से किशोर गुग्गल, प्रोस्टेट फार्ट, ल्यूरिक टेबलेट, एंथल, रजा प्ररिवर्तिनी वटी, कंचावर गुग्गल, स्ट्रेक्स कैप्सूल, कफकल्प सिरप, जत्यादि तेल, अश्वगंधा सिरप, सेरिटोन टेबलेट, ब्रेनटोन और अलायु टेबलेट को जब्त किया था।
एसएसपी विजिलेंस कबीर मलिक का कहना है आईएसएम की ओर से खरीदी गई घटिया दवाइयों के नमूने जांच के लिए बाहर भेजे जाएंगे। शुरूआती जांच में इन सैंपलों में खराब दवाइयां पाई गईं हैं। आईएसएम को जब्त की गई दवाइयों का इस्तेमाल बंद करने को कहा है। सांबा, कठुआ और जम्मू जिले के डीसी कार्यालय का रिकार्ड जल्द जब्त किया जाएगा। विजिलेंस मामला दर्ज करेगी।