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होली के विवाद से शुरू हुई दुश्मनी: जेल से बाहर आते ही फिर सक्रिय हुआ गुगली गैंग, फायरिंग के तीन आरोपी गिरफ्तार

Mon, 25 May 2026 11:47 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

हरिपुर मंडल में दो गैंगों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पिस्टल समेत गिरफ्तार किया है और मुख्य आरोपी हैप्पी चौधरी उर्फ गुगली फरार है।
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जम्मू कश्मीर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फ्लायं मंडाल में रिंग रोड टोल प्लाजा से पहले हरिपुर मंडल में शनिवार रात हुई दो गुटों में फायरिंग के बाद सतवारी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राजिंद्र सिंह उर्फ बब्बू, रघुवीर सिंह और शिवम चौधरी से पिस्टल बरामद हुई है।

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मुख्य आरोपी कुख्यात अपराधी हैप्पी चौधरी उर्फ गुगली समेत अन्य फरार हैं। पुलिस के अनुसार गुगली और पारस शर्मा के बीच पांच साल से रंजिश है। पहले दोनों साथ रहते थे लेकिन किसी बात को लेकर हुई अनबन के बाद जानी दुश्मन बन गए। हैप्पी ने गुगली गैंग बनाई जबकि पारस दूसरी गैंग से जुड़ गया। शनिवार को पारस भाई ऋषभ के साथ रिंग रोड इलाके में था। इसकी भनक गुगली गैंग को लगी तो उन्होंने हमला कर दिया।

जीएमसी में प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को अमृतसर रेफर कर दिया। सूत्रों के अनुसार गुगली को पीएसए के तहत गिरफ्तार किया था। एक महीने पहले ही जेल से बाहर आया है। घायल पारस शर्मा के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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होली पर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक पांच वर्ष पहले भूरे चक में होली के दौरान गुगली और पारस के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच कई बार झड़प और हमले हो चुके हैं। शनिवार रात हुई वारदात में दोनों गुट हथियारों से लैस थे। इस दौरान कई राउंड फायरिंग हुई। सतवारी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच तेज की है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

सक्रिय है गुगली गैंग
40 से 50 युवकों की गुगली गैंग जमीन कब्जाने और माइनिंग में सक्रिय है। गैंग के किसी भी सदस्य का विवाद होने पर पूरा गिरोह एकजुट होकर हमला करता है जिससे लोगों में डर का माहौल है। पांच दिन पहले प्रांबली गांव में दो युवकों पर धाधार हथियारों से हमला किया गया था लेकिन भय के कारण किसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी।

रिंग रोड है या अपराधियों का सेफ कॉरिडोर
शहर की 58 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अब जनता के लिए सुविधा से ज्यादा अपराधियों के लिए सुरक्षित गलियारा बन चुकी है। आठ थाना क्षेत्र विजयपुर, बाड़ी ब्राह्मणा, बिश्नाह, मीरां साहिब, सतवारी, दोमाना, घरोटा और कानाचक्क से गुजरने वाली सड़क पर पुलिस गश्त और नाकेबंदी के दावे केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।

शनिवार को हरिपुर मंडल टोल प्लाजा के पास दो सगे भाइयों पर हुए जानलेवा हमले ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि रात में लोग सफर करने से कतराने लगे हैं। स्थायी नाकों और सख्त निगरानी के अभाव में हत्या, लूट, अपहरण और गैंगवार जैसी वारदात लगातार बढ़ रही हैं। हर बड़ी घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और जांच की बात कहती है। स्थायी नाके और निगरानी न होने से रोड अपराध का सुरक्षित ठिकाना बन रही है। गंभीर मुद्दे पर अधिकारी भी मौन हैं। संपर्क करने पर एसएसपी जोगिंद्र सिंह से कोई जवाब नहीं मिल सका।
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अपराध का ट्रैक रिकॉर्ड
  • 23 मई : हरिपुर मंडल के पास दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला।
  • 24 मार्च : 16 वर्षीय किशोर जाफर हुसैन का अपहरण, पांच दिन बाद बलोल नाले में मिला शव।
  • 30 मार्च : भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सचिन गुप्ता पर धारदार हथियारों से हमला।
  • 21 मार्च व 19 फरवरी : कानाचक और बिश्नाह क्षेत्र में संदिग्ध हालात में दो युवकों के शव बरामद।
  • 21 फरवरी : बिश्नाह में ट्रक चालक से लूटपाट और मारपीट।
  • नवंबर 2025 : सोहांजना में स्कॉर्पियों पर धारदार हथियारों से हमला।
  • जुलाई 2025 : कानाचक में छह बदमाशों का हथियार लहराते हुए वीडियो वायरल।
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