होली पर शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक पांच वर्ष पहले भूरे चक में होली के दौरान गुगली और पारस के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच कई बार झड़प और हमले हो चुके हैं। शनिवार रात हुई वारदात में दोनों गुट हथियारों से लैस थे। इस दौरान कई राउंड फायरिंग हुई। सतवारी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच तेज की है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
सक्रिय है गुगली गैंग
40 से 50 युवकों की गुगली गैंग जमीन कब्जाने और माइनिंग में सक्रिय है। गैंग के किसी भी सदस्य का विवाद होने पर पूरा गिरोह एकजुट होकर हमला करता है जिससे लोगों में डर का माहौल है। पांच दिन पहले प्रांबली गांव में दो युवकों पर धाधार हथियारों से हमला किया गया था लेकिन भय के कारण किसी ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी।
रिंग रोड है या अपराधियों का सेफ कॉरिडोर
शहर की 58 किलोमीटर लंबी रिंग रोड अब जनता के लिए सुविधा से ज्यादा अपराधियों के लिए सुरक्षित गलियारा बन चुकी है। आठ थाना क्षेत्र विजयपुर, बाड़ी ब्राह्मणा, बिश्नाह, मीरां साहिब, सतवारी, दोमाना, घरोटा और कानाचक्क से गुजरने वाली सड़क पर पुलिस गश्त और नाकेबंदी के दावे केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।
शनिवार को हरिपुर मंडल टोल प्लाजा के पास दो सगे भाइयों पर हुए जानलेवा हमले ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि रात में लोग सफर करने से कतराने लगे हैं। स्थायी नाकों और सख्त निगरानी के अभाव में हत्या, लूट, अपहरण और गैंगवार जैसी वारदात लगातार बढ़ रही हैं। हर बड़ी घटना के बाद पुलिस कार्रवाई और जांच की बात कहती है। स्थायी नाके और निगरानी न होने से रोड अपराध का सुरक्षित ठिकाना बन रही है। गंभीर मुद्दे पर अधिकारी भी मौन हैं। संपर्क करने पर एसएसपी जोगिंद्र सिंह से कोई जवाब नहीं मिल सका।