घाटी में हिंसा से उपजे हालात में न्यायिक अधिकारियों को भी जान का खतरा है। बांदीपोरा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश और चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने अपनी जान को खतरा बताया है।
रजिस्ट्रार जनरल के पास पहुंचे पत्र का हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य और केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एनपाल वसंथाकुमार और जस्टिस अली मोहम्मद मागरे की डिविजन बेंच ने एडवोकेट जनरल और असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल आफ इंडिया से लिखित में जवाब मांगा है।
डिविजन बेंच ने आदेश देते हुए कहा न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त सुनिश्चित करें। यह भी देखें कि अदालती स्टाफ सदस्य अपनी ड्यूटी निभाने के लिए सुरक्षित माहौल में आवाजाही कर रहे हैं।