जून माह में शुरू होने जा रही श्री अमरनाथ यात्रा पर पत्थरबाजी का खतरा मंडरा रहा है। यूं तो यात्रा के दोनों रूट से जाने वाले श्रद्धालुओं को इसका सामना करना पड़ सकता है। लेकिन सबसे अधिक खतरा बालटाल रूट से जाने वाले श्रद्धालुओं को है।
जिन्हें लगभग 60 किलोमीटर तक पत्थरों से गुजरना पड़ सकता है। यात्रा शुरू होने में अभी दो महीने हैं। लेकिन पत्थरबाजी की घटनाओं से यात्रा की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गया है। अमरनाथ यात्रा के दो ही रूट है। इनमें बालटाल और पहलगाम रूट शामिल है। दोनों ही रूट अनंतनाग से होकर आगे निकलते हैं।
अनंतनाग पत्थरबाजों का गढ़ बन चुका है। अनंतनाग से पहलगाम को जाने वाले यात्रियों को सिर्फ अनंतनाग में ही खतरा है। जबकि बालटाल के यात्रियों को कई किलोमीटर खतरा उठाना पड़ेगा। अनंतनाग से श्रीनगर के बीच की दूरी 60 किलोमीटर है।
इस दौरान अनंतनाग से आगे पांपोर, अवंतीपुरा, श्रीनगर, गांदरबल और सोनमर्ग से आगे बालटाल। बालटाल को छोड़कर सब जगहों पर पत्थरबाजी हो रही है। ऐसे में इन रूट पर जाना खतरे से खाली नहीं होगा। इन सभी रूट पर सुरक्षाबलों का पहरा जरूर होगा, लेकिन कश्मीर के शरारती तत्व यात्रियों को निशाना बना सकते हैं।