जम्मू संभाग में बुजुर्ग, अपंग और विधवा पेंशन के लिए इंतजार कर रहे तीस हजार लोगों के लिए राहत की कोई खबर नहीं है। मौजूदा स्थिति यह है कि सालाना सिर्फ सात से आठ हजार लोगों को ही पेंशन मिल पाती है, जबकि बाकी लोग लंबी प्रतीक्षा में हैं।
समाज कल्याण विभाग की सूची में अभी भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं, जो पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। बजट की कमी के कारण हर साल सूची में दर्ज हजारों लोगों को लाभ नहीं मिल पाता। इस बीच, हर साल पेंशन की नई सूची में आठ से दस हजार नए आवेदक शामिल हो जाते हैं, जिससे प्रतीक्षा की अवधि और बढ़ जाती है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पेंशन की प्रक्रिया में पहले आए आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है। कई लोग तो दो से तीन साल पहले आवेदन कर चुके हैं, लेकिन अब तक पेंशन प्राप्त नहीं कर पाए हैं।
पेंशनरों की मौत के बाद नए लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
पेंशनरों की मृत्यु के बाद उनकी जगह नए आवेदकों को पेंशन का लाभ दिया जाता है। औसतन हर साल 70 से 80 लोगों को इस प्रक्रिया के तहत लाभ मिलता है।
तीस हजार के करीब लोग प्रतीक्षा सूची में हैं। जैसे ही बजट मिलेगा, वैसे ही पेंशन की सुविधा दी जाएगी। विभाग से लाखों लोग पेंशन ले रहे हैं।