इस बार भी पटाखों की आवाज से दिवाली पर वायु और ध्वनि प्रदूषण का रिकार्ड टूटेगा, क्योंकि पिछले कई साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो दिवाली पर हमेशा पटाखों की आवाज से ध्वनि प्रदूषण का स्तर सामान्य से ज्यादा दर्ज किया गया है।
बिक्रम चौक, सतवारी चौक, ज्यूल और परेड चौक में सबसे ज्यादा शोरगुल रहता है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हर साल की तरह वायु और ध्वनि प्रदूषण की मानीटरिंग करने के लिए कमर कस ली है।
गौरतलब है कि दिवाली को मात्र छह दिन बाकी रह गए हैं। बाजारों में रौनक अभी कम है, लेकिन बाजार सजने लगे हैं। अन्य सामान की खरीदारी के साथ-साथ पटाखों की खरीदारी के लिए भी लोग तैयार हो गए हैं। बीस अक्तूबर के बाद शहर के चयनित स्थानों पर पटाखों के स्टाल लग जाएंगे।