प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुज्जर नगर, जोगी गेट, छन्नी हिम्मत, निक्की तवी के निचले हिस्सों और बेलीचराना जैसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। पानी की तेज आवाज और बढ़ते बेग को देखकर नदी किनारे झुग्गी-झोपड़ियों और बस्तियों में रहने वाले लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल है।
10 फीट पहुंचा तवी का जलस्तर : रविवार सुबह सूर्यपुत्री तवी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए 10 फीट के स्तर को छू गया। पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ गईं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और प्रवासियों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी सूरत में कपड़े धोने, नहाने या मवेशियों को नहलाने के लिए नदी के किनारे न जाएं।
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पहाड़ों से पानी के साथ आ रहे मलबे और तेज बहाव के चलते नदी का जल स्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, पहाड़ों पर रुक-रुककर भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने पहले ही नदी किनारे की बस्तियों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी और स्थानीय पुलिस की टीमें तवी के तटबंधों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। विशेषकर तवी पुल, भगवती नगर और निक्की तवी के पास जलस्तर मापने वाले गेज पर पल-पल की रिपोर्ट ली जा रही है। प्रशासन ने निचले इलाकों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि पानी खतरे के निशान को पार करता है तो तुरंत तटीय बस्तियों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
नदी में फंस गए थे चार बच्चे
शनिवार दोपहर करीब तीन बजे तवी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पीरखो मंदिर के पास नदी में नहाने उतरे चार बच्चे फंस गए। बच्चे बीच धार में फंस गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। समय रहते पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और चारों को सुरक्षित बाहर निकालकर जान बचाई।
आठ तक बारिश, धान की रोपाई के लिए मौसम उपयुक्त
धान की रोपाई के लिए माैसम उपयुक्त है। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (स्काॅस्ट) जम्मू ने छह से आठ जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है। सब्जियों की सिंचाई न करने की भी सलाह दी है। स्काॅस्ट ने अधिसूचना जारी कर बताया कि जब पानी सूख जाए तो धान के पौधों को यूरिया डालें। नर्सरी और मेढ़ों को खरपतवार मुक्त रखें। टमाटर, भिंडी, हल्दी और बैंगन की खेती में सिंचाई न करें। इससे पैदावार में गिरावट आ सकती है।
गुज्जर नगर और जोगी गेट
नदी के किनारे बसे इन घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी की लहरें अब ढलानों
को छूने लगी हैं जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बेलीचराना और छन्नी हिम्मत के निचले हिस्से
इन इलाकों में बनी डेयरियों और झुग्गी-झोपड़ियों वाले क्षेत्रों में पानी घुसने की आशंका को देखते हुए अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
जलस्तर और बढ़ा तो पूरी रात होगी पेट्रोलिंग
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यकारी अभियंता ने स्पष्ट किया कि अभी खतरे जैसी कोई बात नहीं है। फिर भी अगर जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ता है तो तवी पुल (भगवती नगर), डोगरा चौक पुल और गुज्जर नगर पुल पर हाइड्रोलॉजिकल गेज रीडर्स की तैनाती होगी जो हर 15 मिनट में जल स्तर की रिपोर्ट भेजने का काम करेगी।
बरसात शुरू होते ही फिर डराने लगी चिनाब व तवी बीते साल 26 अगस्त को बाढ़ से हुई भारी तबाही
बरसात शुरू होते ही नदियों के जलस्तर बढ़ने लगा है। अभी चिनाब का जलस्तर 25 फीट तक चल रहा है। 32 फीट पर अलर्ट जारी किया जाएगा। तवी नदी का जलस्तर 10 फीट तक पहुंचा है। प्रशासन और पुलिस ने नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है। बीते साल 26 अगस्त को चिनाब दरिया का जलस्तर 58 फीट तक पहुंचा था जबकि तवी नदी में 44 फीट तक रहा था। इससे बाढ़ आने से खेतों में रेत और मलबा जमा हो गया था। धान की फसल भी बह गई थी। तवी के किनारों घरों को नुकसान पहुंचा था। अब बरसात शुरू होते ही प्रशासन लोगों को अलर्ट कर रहा है। फिलहाल, तवी नदी में पानी बढ़ने का कारण नालों का पानी और पहाड़ों पर हो रही बारिश है।
जम्मू में सुबह दो एमएम बारिश के बाद बढ़ी उमस संभाग में मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम का मिजाज बदल रहा है। उत्तरी अरब सागर से आगे बढ़े मानसून के चलते रविवार सुबह जम्मू व आसपास इलाकों में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार सुबह करीब 2 एमएम (मिलीमीटर) बारिश रिकॉर्ड की गई है। हवा में नमी बढ़ने से उमस ने लोगों को बेहाल किया। पंखे-कूलर बेअसर साबित हुए। जम्मू, कठुआ, उधमपुर और सांबा समेत कई जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून सक्रिय होने के आसार हैं।