कश्मीर में विश्वास बहाली के लिए अधिकांश पत्थरबाजों को रिहा कर दिया गया है। रिहाई का क्रम जारी है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के आदेश से हर मामले की समीक्षा हो रही है।
समीक्षा के बाद 30 साल से कम उम्र के 4506 पत्थरबाजों के मुकदमे वापस लेने की कवायद तेज है। इसमें 18 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या 519 है जबकि 18 से 30 वर्ष के बीच के 3987 लोग इस सूची में शुमार हैं। भाजपा ने पहले पत्थरबाजों की रिहाई का विरोध किया था, लेकिन, बाद में खामोशी ओढ़ ली। पीएसए में 522 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
इनमें से 257 रिहा हो चुके हैं। अब पीएसए में सिर्फ 265 लोग बंद हैं। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पत्थरबाजों की रिहाई के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को विश्वास में ले लिया है।