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Jammu News: सिंचाई के लिए पहले पानी दो, आबियाना बाद में

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सीमावर्ती गांव शेर-ए-चक और व्यासपुर के दौरे पर पहुंचे विभाग के एईई की बात पर भड़के ग्रामीणों ने जताया रोष
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कहा, 10 साल से क्षेत्र के ट्यूबवेल खराब और नहरें बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। सिंचाई विभाग के एईई असद जहूर ने बुधवार को सीमावर्ती क्षेत्र के गांव शेर-ए-चक और व्यासपुर का दौरा किया। गांव शेर-ए-चक में ग्रामीणों के समक्ष ट्यूबवेल का आबियाना (सिंचाई पानी का शुल्क) देने के लिए जैसे ही अधिकारियों ने कहा तो ग्रामीणों ने सवालों विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले उनके खेतों में सिंचाई के लिए पानी आपूर्ति की जाए। ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि 10 सालों से इलाके के ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। जो चल रहे हैं, उनके चैनल बिल्कुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे खेतों में पानी की सिंचाई नहीं होती है।
सिंचाई विभाग द्वारा ट्यूबवेल की देखरेख सही ढंग से नहीं की जा रही है, जिस कारण किसानों को पानी की सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल का आबियाना देने की बात सरासर गलत है। इसलिए सिंचाई विभाग सबसे पहले इलाके में किसानों को पानी की सुविधा मुहैया करवाए। उसके बाद ट्यूबवेल का आबियाना लेने की बात करें। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों ने समस्याओं को उजागर कर निवारण की मांग उठाई। सिंचाई विभाग के अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में जितने भी ट्यूबवेल खराब हैं जल्द ही उनका सर्वे करवाया जाएगा। जल्द उनको सुचारू किया जाएगा। उसके अलावा चैनल के मरम्मत कार्य के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कई चैनल के मरम्मत कार्य की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही उनका मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उसके बाद उन्होंने ट्यूबवेल की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पाया कि ज्यादातर ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। लगभग सभी ट्यूबवेल के चैनल क्षतिग्रस्त हैं। जिससे लोगों के खेतों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस मौके पर गांव व्यासपुर परलाह के नायब सरपंच राकेश सिंह, पंच दर्शन कुंडल, किसान यशपाल उर्फ मैंगा, राम सिंह, अजय कुमार और भूषण कुमार आदि मौजूद रहे।
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10 दिन पहले ग्रामीणों ने उठाई थी समस्या
करीब 10 दिन पहले गांव ब्यासपुर परलाह के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल सिंचाई विभाग के मुख्य अधिकारी से मिला था। इस दौरान नहर और ट्यूबवेल की बदहाल हालत के बारे में जानकारी दी थी। इस पर सिंचाई विभाग के मुख्य अधिकारी ने जल्द ही टीम के साथ क्षेत्र का दौरा करने का आश्वासन दिया था। उसी के तहत बुधवार को अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा किया है।
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आबियाना के लिए ऑपरेटरों को सूची बनाने के मिले हैं निर्देश

सरकार की तरफ से गेहूं की फसल पर प्रति एकड़ 303 और धान की फसल पर प्रति एकड़ 607 आबियाना तय किया गया है।सरकार द्वारा नहर और ट्यूबवेल का 2015 से अभी तक आबियाना लगाने की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को ट्यूबवेल और नहर का पानी इस्तेमाल करने वाले किसानों की सूची तैयार करने के लिए ऑपरेटरों को निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में खुद जाकर भी लोगों से आबियाना भरने के लिए कहा जा रहा है। किसानों का कहना है कि उनके खेतों में नहर और ट्यूबवेल का पानी पहुंचता ही नहीं है तो आबियाना किस का दिया जाए। सिंचाई विभाग पहले ट्यूबवेल और नहर से पानी आपूर्ति सुचारू करें।
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