दिव्य ज्योति संस्थान की ओर से पांच दिवसीय श्रीशिव कथा का आगाज
श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या ने संगत को प्रवचनों से किया निहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। शिव समस्त प्राणियों का विश्राम स्थल हैं। अनंत तापों व पापों से उद्विग्न होकर विश्राम के लिए प्राणी जहां शयन करें बस उसी सर्वभूत सत्ता को शिव कहते हैं। शिव की रस धारा में डुबकी लगाकर ही मन शीतल और आनंद की अनुभूति करता है। यह ज्ञान श्री आशुतोष महाराज की शिष्या जयंती भारती ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में आरआर रिजॉर्ट शुरू हुई पांच दिवसीय श्री शिव कथा के पहले दिन संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि मनसे विकारों की मलिनता मिटती है। मानव के मन में प्रकाश प्रगट होता है। प्रभु की कथा प्रभु से मिलाने के लिए एक सेतु का कार्य करती है। इसी सेतु पर चलकर ही भक्त भगवान के दर्शन को सदा से ही प्राप्त करते रहे हैं। आज के अज्ञान अंधकार में भटक रहे मानव समाज को ब्रह्म ज्ञान की परम आवश्यकता है। तभी मानव दानवता की खाइयों से निकलकर देवत्व को प्राप्त करता है। कथा के दौरान साध्वियों ने शिव महिमा में सुंदर भजन किया गया। प्रभु की पावन आरती के साथ कार्यक्रम को विराम दिया गया। इस मौके पर अशोक सिंह, गीता सिंह, डॉ. राम सिंह, शिव चरण, बलवान सिंह संब्याल, कैप्टन सूरत सिंह, रणजीत सिंह काटल, सुषमा संब्याल, अशोक शर्मा और राकेश महाजन आदि मौजूद रहे।