आतंकियों ने दोनों ग्राम रक्षा गार्डों के हाथ बांधकर पीछे से सिर में गोली मारी थी। इसका खुलासा पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से किया है। पुलिस अधिकारी किश्तवाड़ के गांव ओहली में ग्राम रक्षकों को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। आतंकियों की तलाश शुरू करने के साथ ही पीड़ितों के घरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
वीडीजी नजीर अहमद (42) और कुलदीप कुमार (40) को बृहस्पतिवार को आतंकियों ने मार दिया था। शव शुक्रवार को कुंतवाड़ा के जंगल के अंदर एक नाले के पास मिले थे। अंतिम संस्कार में पहुंचे सैकड़ों लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।
विधायक शगुन परिहार और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना शहीदों के परिवारों से मिले। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को ढांढ़स बंधाया। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम रक्षा गार्डों को आधुनिक हथियार दिए जाएंगे, साथ ही समितियां बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन आतंकियों को जड़ से समाप्त करेगी।
सुरक्षा बढ़ाई गई
रामबन, किश्तवाड़ और डोडा रेंज के डीआइजी श्रीधर पाटिल और एसएसपी किश्तवाड़ भी गांव में पहुंचे व दोनों वीडीजी के परिवारों से मिले। दोनों अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद किसी और दुर्घटना को रोकने के लिए उनके आवासों के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।