उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद (एसी) की बैठक में जम्मू-कश्मीर हाउसिंग, अफोर्डेबल हाउसिंग, स्लम रि-डेवलपमेंट, रिहैबिलिटेशन एंड टाउनशिप पॉलिसी 2020 के अलावा हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसमें आवास के सात मॉडल की परिकल्पना की गई है जो इन-सीटू स्लम पुनर्विकास से लेकर एकीकृत टाउनशिप तक समाज के हर वर्ग की जरूरत को पूरा किया जाएगा।
नई नीति का उद्देश्य किफायती आवास और स्लम पुनर्वास परियोजनाओं के लिए सार्वजनिक-निजी-भागीदारी को बढ़ावा देना है और सहकारी तरीके से एकीकृत, विशेष टाउनशिप के संचालन और रखरखाव के लिए मंच प्रदान करना है। मौजूदा समय में झुग्गीवासियों के न्यूनतम पुनर्वास का प्रस्ताव है। इससे गरीब लोगों को रहने के लिए आवास मिल सकेगा।
इसके अतिरिक्त नीति में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय समूह (एलआईजी) श्रेणियों में आवास के फास्ट ट्रैक अनुमोदन के प्रावधान भी शामिल हैं। इसके अलावा यह भवन अनुज्ञा शुल्क, भूमि उपयोग रूपांतरण और बाहरी विकास शुल्क से छूट के रूप में उनके प्रोत्साहन के लिए प्रदान की जाएगी। इस पॉलिसी का लक्ष्य रेंटल हाउसिंग प्रदान करना है जिसमें ईडब्ल्यूएस परिवारों को व्यवसाय के लिए लाइसेंस के आधार पर आवास इकाई दी जाएगी। किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, पुनर्वास और किराये के आवास के लिए बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने की व्यापक दृष्टि के तहत नीति को मंजूरी दी गई है। इसमें अगले 5 वर्षों में 1 लाख आवास इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य है।