पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लांच पैड आतंकियों से भरे पड़े हैं। परंतु पाकिस्तान के संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं को भारतीय सेना द्वारा सख्ती से जवाब दिए जाने के कारण घुसपैठ की कोशिशें सफल नहीं हो पा रही हैं।
कश्मीर की 15वीं कोर की कमान संभाल रहे लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लों का विश्वास है कि संघर्ष विराम उल्लंघन की आड़ में पाकिस्तान घुसपैठ कराने के अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो शांति है उसे सुरक्षा बलों ने समाज के विभिन्न वर्गों के समर्थ प्रतिनिधियों के साथ समन्वय करके स्थापित किया है।
लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों, शीघ्र ही दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनहेंने फरवरी 2019 में कश्मीर में 15वीं कोर की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके जिम्मेदारी संभालने के कुछ दिन बाद ही पुलवामा में आतंकियों ने आत्मघाती हमला किया था जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे।
एक प्रश्न के लिखित उत्तर में ले. जनरल ढिल्लों ने कहा कि पिछले तीस वर्षों से पाकिस्तान लगातार छद्म युद्ध लड़ कहा है।आतंकियों की मदद कर वह यहां लगातार अशांति फैलाने की कोशिशों में लगा हुआ है। पीओके में सभी आतंकवादी शिविर और लॉन्च पैड भरे हुए हैं। ये आतंकवादी पाकिस्तान की सेना की मदद से घुसपैठ करने के लिए बेताब हैं, पाकिस्तानी सेना हमारी चौकियों पर लगातार गोलाबारी में लिप्त है। उन्होंने कहा कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्रों में सफलता, सुरक्षा की स्थिति में सुधार और विभिन्न सरकारी पहलुओं से अत्यधिक लाभ होने की संभावना है।
हम संख्या नहीं अवधारणा पर काम करते हैं
घाटी में सक्रिय आतंकवादियों की संख्या पर ले.जनरल ने कहा कि हम अवधारणाओं पर काम करते हैं न कि संख्याओं पर, और यह अवधारणा यह है कि पाकिस्तान लगातार आतंकवादियों घटनाओं को अंजाम देने में दहशतगर्दों की मददकर अलगाववादी घटनाओं को बढ़ावा देने में संलग्न रहता है।