अनुच्छेद 370 हटने के बाद जो सपने दिखाए थे, वो पूरे नहीं हो पाए
उमर ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जो सपने दिखाए थे, असल में वो पूरे नहीं हो पाए हैं। केंद्र ने कहा था, अमन होगा, हिंसा खत्म हो जाएगी लेकिन पहलगाम और दिल्ली धमाकों से साफ हो गया है कि ऐसा नहीं हो पाया है। सारे दावे गलत साबित हुए हैं। उन्होंने कहा, पहलगाम हमले को टूरिज्म से नहीं तोला जा सकता है। वहां खून बहा था और इसे पैसों से नहीं जोड़ा जा सकता है। कहा, अहिस्ता-अहिस्ता टूरिज्म का सिलसिला दोबारा चलना शुरू हो गया। जब से बर्फ गिरी है पर्यटक जम्मू आना शुरू हो गए हैं। उन्होंने मनरेगा का नाम बदलने पर भी एतराज जताया। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने अब पूरा भार राज्यों पर डाल दिया गया है। जम्मू-कश्मीर पर इसका असर नहीं पड़ेगा लेकिन पंजाब समेत दूसरे राज्य इससे प्रभावित होंगे।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की आलोचना की
उमर अब्दुल्ला ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बांग्लादेश को जो शिक्षा दे रही है वही अपने देश में भी लागू करनी चाहिए ताकि यहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोका जा सके। केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उमर ने एक बार फिर कड़ी आलोचना की और राज्य के हित में केंद्र से सख्त कदम उठाने की मांग की।