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सीएम उमर बोले: जम्मू-कश्मीर पर दिखेगा सिंधु जल संधि रोकने का असर, चिनाब-झेलम के पानी से बदलेगी घाटी की तस्वीर

Sat, 10 Jan 2026 12:23 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सिंधु जल संधि रोकने का असर जम्मू-कश्मीर पर दिखेगा और अब प्रदेश जल व बिजली उपयोग के लिए नई परियोजनाएं केंद्र को भेज रहा है। उन्होंने जम्मू की पेयजल समस्या, डैम से हुए नुकसान, पर्यटन बढ़ाने और मेडिकल कॉलेज बंद होने जैसे मुद्दों पर भी सरकार का पक्ष रखा।
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को अमृतसर में कहा कि सिंधु जल संधि रोकने का असर प्रदेश पर दिखेगा। अब प्रदेश ने दो बड़ी परियोजनाएं केंद्र सरकार को भेजी हैं। इन्हें शुरू किया जाता है तो झेलम में बिजली के साथ पानी का इस्तेमाल हो सकेगा।

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फुलकारी वीमेन ऑफ अमृतसर संस्था के कार्यक्रम में पहुंचे उमर ने कहा कि अखनूर में चिनाब से उठाऊ पेयजल योजना के माध्यम से जम्मू शहर में पेयजल किल्लत को दूर किया जा सकता है। भविष्य को देखते हुए जम्मू शहर में अतिरिक्त पेयजल इंतजाम की जरूरत है।

नदियों का पानी रोकने का नुकसान जम्मू-कश्मीर को हुआ है। डैम केंद्र सरकार ने बनाया और जमीन जम्मू-कश्मीर की डूब गई। डैम बनने के बाद न रोजगार मिला न उचित मुआवजा मिल पाया। अब जब संधि खारिज हुई है तो पानी का इस्तेमाल खुद कर सकेंगे। उन्होंने कहा, कश्मीर संभाग में बर्फबारी शुरू हो गई है।
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अब प्रदेश सरकार यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करेगी। उमर ने जम्मू-कश्मीर में बंद किए गए मेडिकल कॉलेज पर भी कड़ी आलोचना की और कहा कि सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद जो सपने दिखाए थे, वो पूरे नहीं हो पाए
उमर ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जो सपने दिखाए थे, असल में वो पूरे नहीं हो पाए हैं। केंद्र ने कहा था, अमन होगा, हिंसा खत्म हो जाएगी लेकिन पहलगाम और दिल्ली धमाकों से साफ हो गया है कि ऐसा नहीं हो पाया है। सारे दावे गलत साबित हुए हैं। उन्होंने कहा, पहलगाम हमले को टूरिज्म से नहीं तोला जा सकता है। वहां खून बहा था और इसे पैसों से नहीं जोड़ा जा सकता है। कहा, अहिस्ता-अहिस्ता टूरिज्म का सिलसिला दोबारा चलना शुरू हो गया। जब से बर्फ गिरी है पर्यटक जम्मू आना शुरू हो गए हैं। उन्होंने मनरेगा का नाम बदलने पर भी एतराज जताया। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार ने अब पूरा भार राज्यों पर डाल दिया गया है। जम्मू-कश्मीर पर इसका असर नहीं पड़ेगा लेकिन पंजाब समेत दूसरे राज्य इससे प्रभावित होंगे।
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की आलोचना की
उमर अब्दुल्ला ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बांग्लादेश को जो शिक्षा दे रही है वही अपने देश में भी लागू करनी चाहिए ताकि यहां अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोका जा सके। केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उमर ने एक बार फिर कड़ी आलोचना की और राज्य के हित में केंद्र से सख्त कदम उठाने की मांग की।
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