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मीरवाइज द्वारा आयोजित बैठक में एकजुटता पर दिया गया जोर

Thu, 19 Nov 2015 01:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
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घाटी में बुधवार को हुर्रियत (एम) द्वारा आयोजित ज्वाइंट मीट में नागरिक समाज, बार एसोसिएशन, केसीसीआई, केईए और अन्य धार्मिक संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
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बैठक हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारूक द्वारा सरकार की आक्रामकता का मुकाबला करने और स्वतंत्रता आंदोलन के संबंध में भविष्य की रणनीति पर चिंतन करने के लिए बुलाई गई थी।

लेकिन इस बैठक से पहले ही मीरवाइज को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया। इस मौके पर हुर्रियत (एम) के नेताओं का कहना था कि बैठक का एजेंडे कश्मीर मुद्दे को लेकर समाज के सभी वर्गों के लोगों और हित धारकों से सुझाव लेना था।
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उनके अनुसार लोगों को अलगाववादी गुटों द्वारा नियमित हड़ताल कॉल की शिकायत थी इसलिए वे चाहते थे कि वह आगे आएं और विरोध प्रदर्शन के अन्य साधनों का सुझाव दें।

बैठक के दौरान वक्ताओं द्वारा अलगाववादी गुटों की एकता पर जोर देते हुए कहा गया कि इन गुटों के बीच विशिष्ट राजनीतिक रणनीति की कमी के कारण वह किसी भी मोर्चे पर सरकार का मुकाबला करने में सक्षम नहीं हैं।

संयुक्त हुर्रियत के प्रति अपना समर्थन पेश करते हुए केईए के चेयरमैन मोहम्मद यासीन खान ने कहा कि केईए हमेशा संयुक्त हुर्रियत के कार्यक्रमों और जुलूस का समर्थन करने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि हड़ताल का एक विकल्प उपलब्ध है लेकिन हर मोर्चे पर सरकार का मुकाबला करने के लिए अन्य रणनीतियों का मसौदा तैयार करने की जरूरत है।

वहीं मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सईद राज्य में हिंदुत्व को बढ़ावा दे रहे हैं और आरएसएस के इशारे पर काम कर रहे हैं।

यासीन के अनुसार एकता ही एक विकल्प है जो आंदोलन को आगे बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो सकती है। जम्मू कश्मीर के नायब मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम के अनुसार स्वतंत्रता से कम कश्मीर के लोगों को कुछ भी स्वीकार्य नहीं है।

हमने भारतीय कब्जे को कभी स्वीकार नहीं किया है और न ही हम कभी यह स्वीकार करेंगे। उन्होंने ने भी आजादी पसंद गुटों को एक जुट होने की सलाह दी। वहीं मीरवाइज ने फोन के जरिए बैठक में हिस्सा लिया और लोगों को संबोधित किया।

उन्होंने बैठक से पूर्व हुर्रियत नेताओं पर सरकार द्वारा कसे शिकंजे की निंदा की। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता नजीर अहमद रोंगा, एजाज उल हक, शकील कलंदर आदि मौजूद रहे। वहीं इस बैठक में हुर्रियत (जी), जमात-ए-इस्लामी और जेकेएलफ की ओर से बैठक में किसी ने भाग नहीं लिया।
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