अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। ईद-उल-अजहा की घाटी में जोरदार रौनक है। दो दिन में डिजिटल रूप से तीन हजार करोड़ रुपये की निकासी हुई। इसमें एटीएम के साथ ही अन्य डिजिटल माध्यम शामिल हैं। उधर, श्रीनगर ईदगाह में वीरवार को ईद की नमाज पढ़ने की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है।
जेके बैंक से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि 26 व 27 जून को दो दिन में 52 लाख ट्रांजेक्शन हुए । यूपीआई के माध्यम से 400 करोड़ रुपये के 23 लाख ट्रांसजेक्शन, एमपे के माध्यम से 1530 करोड़ रुपये के 21 लाख ट्रांजेक्शन हुए। एटीएम से 320 करोड़ रुपये के छह लाख ट्रांजेक्शन हुए। ई-बैंकिंग से 800 करोड़ रुपये की 2 लाख लेनदेन दर्ज किए गए। इस तरह महज दो दिन में 3000 करोड़ रुपये की राशि के 52 लाख ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए। अधिकारी ने कहा कि उन्हें ईद-उल-अजहा से पहले अपने लाखों सम्मानित ग्राहकों को सफलतापूर्वक सेवा देने में खुशी महसूस हो रही है। बैंक के डिजिटल और वैकल्पिक चैनलों ने दो दिनों में 52 लाख ट्रांजेक्शन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
उधर, घाटी में वीरवार को त्योहार मनाया जाएगा। वहीं अंजुमन औकाफ जामा मस्जिद ने बुधवार को कहा कि अधिकारियों ने ऐतिहासिक ईदगाह श्रीनगर में ईद की नमाज की अनुमति नहीं दी है। अंजुमन ने घोषणा की थी कि ईद की नमाज सुबह 9 बजे ईदगाह में होगी। हालांकि, अधिकारियों ने इसकी अनुमति नहीं दी है। उन्होंने कहा ईदगाह में नमाज रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इस फैसले से घाटी के मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं। मीरवाइज उमर फारूक की लगातार हिरासत की भी निंदा की, जो परंपरागत रूप से ईद की नमाज से पहले ईदगाह में ईद का उपदेश देते हैं।