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बैरंग लौट आया सेना का चॉपर, गुरेज में शहीदों के शवों को नहीं किया जा सका एयरलिफ्ट

Sun, 29 Jan 2017 07:42 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
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गुरेज में हिमस्खलन - फोटो : FILE PHOTO
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गुरेज में बर्फीले तूफान में दबकर शहीद हुए जवानों के शव तीन दिन बाद भी एयरलिफ्ट नहीं किए जा सके हैं। घाटी के निचले मैदानी इलाकों में मौसम साफ होने पर रविवार को फिर से चॉपर भेजा गया, लेकिन, गुरेज में बर्फबारी जारी रहने से तमाम कोशिशें नाकाम रहीं।
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बर्फबारी के सीजन में संपर्क के लिए पूरी तरह से हवाई मार्ग पर निर्भर गुरेज में कई दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। गुरेज में 25 जनवरी को दो अलग-अलग जगह बर्फीले तूफान की चपेट में आकर कुल 14 जवान शहीद हो गए थे। अत्यधिक जोखिम के बावजूद एवलांच रेस्क्यू टीम ने 26 जनवरी तक सभी शव निकालने में कामयाबी हासिल कर ली, लेकिन, मौसम लगातार खराब रहने की वजह से इन्हें एयरलिफ्ट नहीं किया जा सका है।

एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि रविवार को सेना के चॉपर ने कई बार उड़ान भरी। दिन भर गुरेज में मौसम साफ होने का इंतजार चलता रहा, लेकिन, बर्फबारी के चलते चॉपर को गुरेज तक ले जाना मुमकिन नहीं हो पाया। सोमवार को फिर कोशिश की जाएगी। उधर, मच्छेल सेक्टर में ट्रैक धंसने से गंभीर हुए पांच जवानों को भी अब तक एयरलिफ्ट नहीं किया जा सका है।
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सैन्य सूत्रों ने बताया, पांचाें जवानों को मच्छेल के स्थानीय अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। उन्हें श्रीनगर बेस अस्पताल पहुंचाने की कोशिशें भी जारी हैं।

उल्लेखनीय है कि गुरेज सेक्टर साल में पांच से छह महीने तक सड़क संपर्क से कटा रहता है। राजदान टॉप इलाके से सड़क संपर्क बंद हो जाता है। इस पूरे इलाके में 10 फुट से ज्यादा बर्फ जमा रहती है जो इस बार खासी अधिक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों को भी एयरफोर्स की विशेष हवाई सेवा दी जाती है।
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