पुंछ। नगर स्थित गीता भवन में रामलीला क्लब पुंछ की तरफ से आयोजित की जा रही रामलीला के दूसरे दिन मंगलवार को शिव अराधना, जंगली सूत्रदार के मंचन से रामलीला का मंचन शुरू किया गया। इसके उपरांत अपने अंधे माता पिता को तीर्थयात्रा करा रहे श्रवण कुमार अपने माता पिता की प्यास बुझाने के लिए जंगल में जल भर रहे होते हैं तो वहीं शिकार के लिए जंगल में आए अयोध्या नरेश महाराजा दशरथ पानी भरने की आवाज को किसी जानवर के पानी पीने शंका से शब्दभेदी बाण चला देते हैं। वह सीधे श्रवण कुमार के सीने पर लगता है, जिससे वह घायल हो कर महाराज दशरथ को अपने अंधे माता-पिता के बारे में बताकर प्राण त्याग देते हैं। जब दशरथ श्रवण कुमार के माता पिता को पानी पिलाने पहुंचते हैं तो वह अपने पुत्र की मौत के बारे में सुनकर महाराजा दशरथ को पुत्र वियोग में मरने का श्राप देकर प्राण त्याग देते हैं।