कश्मीर हिंसा की जमीनी हकीकत जानने दिल्ली से घाटी के दौरे पर आई सर्वदलीय समिति ने सोमवार को जम्मू में विभिन्न संगठनों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान गृहमंत्री ने जल्द कश्मीर में शांति बहाली बात कही।
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दिल्ली वापस लौटने से पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दिल्ली में दोबारा सर्वदलीय समिति की बैठक होगी और कश्मीर पर भविष्य के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि समिति के सदस्यों ने जम्मू और श्रीनगर के कई इलाकों का दौरा किया और जल्द ही वे लद्दाख संभाग का भी दौरा करेंगे और वहां के लोगों की भी समस्या को सुना जाएगा।
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'अलगाववादियों में कश्मीरियता नहीं'
गृहमंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : PTI
वहीं इससे पहले श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि समिति के सामने सैकड़ों लोगों ने अपनी बात रखी। सभी की यही इच्छा थी कि कश्मीर के हालात सुधरने चाहिए। अगलाववादियों द्वारा बातचीत की पेशकश ठुकराए जाने के पर गृहमंत्री ने कहा कि हुर्रियत ने कल जो किया वो कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसनियत नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, हमें उम्मीद है जल्द ही कश्मीर में शांति बहाल होगी। हम उन सभी से संविधान के दायरे में बात करने को तैयार हैं जो कश्मीर में शांति चाहते हैं। उन्होंने अलगाववादियों पर तंज कसते हुए कहा कि बातचीत के लिए हमारे दरवाजों के साथ रोशनदान भी खुले हुए हैं।
गृहमंत्री ने कहा कि अपने पिछले दौरे के दौरान मैंने कश्मीर में पेलेट गन के विकल्प को लाने की बात की थी और अब घाटी में हिंसा के दौरान पावा शेल के प्रयोग को अनुमति दे दी गई है। घाटी में हिंसा से निपटने के लिए एक हजार पाव सेल कश्मीर आ चुके हैं। अब हिंसा के दौरान किसी की भी जान नहीं जाएगी।
उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया। पाकिस्तान से बातचीत के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी बातचीत को देश के बाहर ले जाने की बात नहीं करें।
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का विरोध
प्रदर्शनकारियों को रोकती पुलिस
- फोटो : Amar Ujala
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसदों के अलगाववादियों से मिलने की कोशिश और उन्हें बैरंग लौटाए जाने से जम्मू में जबर्दस्त उबाल रहा। प्रतिनिधिमंडल को लोगों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा।
कन्वेंशन सेंटर में प्रवेश कर रहे काफिले के समक्ष लोगों ने जोरदार नारेबाजी की। गुस्साए लोगों ने कन्वेंशन सेंटर के गेट पर चढ़कर प्रदर्शन किया। बाद में इन लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन पहुंचा दिया गया।
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का काफिला दोपहर दो बजे जैसे ही गेस्ट हाउस में प्रवेश कर रहा था तो वहां पहले से तिरंगा तथा हाथों में तख्तियां लिए लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ओवैसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों से धक्का मुक्की भी हुई।
बाद में जब काफिला गेस्टहाउस के रास्ते कन्वेंशन सेंटर पहुंच गया तो एसओएस इंटरनेशनल तथा बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्वेंशन सेंटर के गेट पर पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ओवैसी तथा अलगाववादियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। आक्रोशित कार्यकर्ता कन्वेंशन सेंटर के गेट पर चढ़ गए।
बाद में ड्यूटी पर तैनात जवानों ने उन्हें नीचे उतारा और गेट से पीछे किया। इसके बाद भी वे काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया गया।
केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। एसओएस इंटरनेशनल के चेयरमैन राजीव चुन्नी ने बताया कि पुलिस ने 23 लोगों को गिरफ्तार किया था। वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। वे पीओके रिफ्यूजियों की मांगें सुनने को कह रहे थे लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। जेएंडके सिख काउंसिल ने भी बाहों पर काली पट्टी बांधकर प्रतिनिधिमंडल के दौरे का विरोध किया। कन्वेंशन सेंटर के बाहर विरोध प्रदर्शित किया।