विधानसभा में बोलतीं महबूबा मुफ्ती
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सदन में अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद को याद कर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती रोआंसी हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अंतिम समय में भी रियासत की चिंता की। बाढ़ पीड़ितों के राहत, रिफ्यूजियों के पुनर्वास के बारे में पूछते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाक जाने के बारे में पूछते रहे।
उम्मीद जताई कि इससे रिश्ते बेहतर होंगे तथा रियासत में अमन-शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। महबूबा ने कहा कि मुफ्ती का विजन उनके लिए अर्जुन की मछली की आंख की तरह है। उनका समर्पण और विजन अद्भुत था। उन्होंने जिस चीज को पकड़ा तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। मुफ्ती ने रियासत के विकास का जो खाका खींचा है उस पर आगे बढ़ना है।
.. तब तक ही कुर्सी पर रहूंगी
महबूबा ने कहा कि कुर्सी उनके लिए कमजोरी नहीं बनेगी। जब तक यह ताकत बनी रहेगी तब तक ही इस पद पर रहेंगी। जब तक एजेंडा आफ एलायंस तथा सीबीएम पूरा होता रहेगा तब तक वे कुर्सी पर रहेंगी।
वाजपेयी और मोदी की प्रशंसा
महबूबा मुफ्ती ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। कहा कि वाजपेयी के कार्यकाल में रियासत में अमन का रास्ता खुला था। मोदी ने भी पाक जाकर यह संदेश दिया। उनके जाने के बाद पठानकोट हमले को लेकर आलोचना की जाती है।
कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी पाक के साथ दोस्ती चाहते थे, लेकिन वे कभी नहीं जा पाए। पाक से जब गोलाबारी होती है तो सबसे अधिक रियासत ही प्रभावित होता है। सबसे पहले जम्मू के लोग ही निशाना बनते हैं। यदि पड़ोसी मुल्क के साथ ताल्लुकात बेहतर रहेंगे तो इसका सीधा फायदा रियासत को ही मिलेगा।