बूढ़ी पथराई आंखों में बेटे की सही सलामती की दुआएं भी काम न आईं। दिनभर बेटे के लापता होने की खबर के बाद जैसे ही मौत की खबर आई तो सैनिक औरंगजेब के परिवार पर कहर टूट गया। जिस परिवार में बेटे के साथ ईद मनाने का इंतजार हो रहा था।
उस घर में उसकी मौत की खबर पहुंची। बस एक बार मेरे बेटे को छोड़ दो। उसे ईद मनाने के लिए घर भेज दो। फिर चाहे वापस ले जाना। यह बोल ओरंगजेब की मां के हैं। जो बार बार आतंकियों अपील करती रही कि उसे छोड़ दो।
जिले की मेंढर तहसील के गांव सलानी निवासी पूर्व सैनिक मोहम्मद हनीफ के घर दोपहर बाद से गम का माहौल बना हुआ। जब से गांव में इस बात की सूचना पहुंची कि उनके बेटे ओरंगजेब को कश्मीर के शोपियां से घर लोटते समय बीच रास्ते से आतंकियों ने अगवा कर लिया।
इस खबर के पहुंचने के साथ ही जहां उनके घर पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और आस पड़ोस के लोग जमा हो कर पीडि़त परिवार के गम में शरीक हो रहे थे। वहीं सब लोग मिल कर खुदा से इस परिवार के रोजाें का फल देने और उनके बेटे के सही सलामत घर लोटने की दुआ भी कर रहे थे।
मोहम्मद हनीफ और उसकी पत्नी राज बी कभी खुदा से तो कभी आतंकियों से अपील करते रहे कि उसके कलेजे के टुकड़े को ईद मनाने के लिए छोड़ दें। मां का तो यहां तक कहना था कि अगर उसने किसी के साथ ज्यादती कि है और किसी को उस पर गुस्सा है तो वह उसे साथ लेकर घर आ जाएं। ईद मनाने के बाद उसे फिर अपने साथ ले जाएं। इतना कहने के साथ मां बार बार बेहोश हो जा रही थी।