PSO of PDP leader shot at by unknown gunmen in Srinagar
- फोटो : बासित जरगर
पीडीपी नेता के घर पर आतंकी हमले में शहीद हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल मंजूर अहमद को श्रीनगर के डीपीएल में श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि समारोह में पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह, जम्मू कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ़ समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि श्रीनगर में हुआ आतंकी हमला कश्मीर घाटी में शांतिपूर्ण माहौल और चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पुलिस के हाथ सुराग लगे हैं कि कितने आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया है और वे कहां से आए थे। उन्हें जल्द ही सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर जमीनी स्तर पर एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौर से गुजर रहा है। लोगों की इसमें भारी संख्या में भागीदारी प्रशंसनीय है।
दिलबाग सिंह ने कहा कि घाटी में मतदान के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान लोगों की मूवमेंट को एक दम से रोका नहीं जा सकता। ऐसे में कई राष्ट्र विरोधी तत्व भी अपनी मूवमेंट को अंजाम देते हैं। इस बीच पुंछ मुठभेड़ को लेकर उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकी घुसपैठ कर दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में दाखिल होना चाहते थे लेकिन भारी बर्फबारी के चलते नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इन आतंकियों का मंसूबा भी चुनावों में खलल पहुंचाना था। सिंह ने कहा कि हमने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का पूरा मौका दिया ताकि हम दुनिया को दिखा सकें कि पाकिस्तान किस तरह से कश्मीर में आतंकवाद को फैलाता है, लेकिन उन्होंने नहीं माना और वे मारे गए।
पीडीपी नेता को शिफ्टिंग के लिए कहा था, वे नहीं माने
वहीं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती द्वारा प्रशासन पर विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा कम कर उन्हें खतरे में डालने के आरोप को लेकर डीजीपी ने कहा कि पीडीपी नेता परवेज अहमद का घर एक भीड़भाड़ वाले इलाके में है। उन्हें आतंकी हमले के खतरे को ध्यान में रखते हुए शिफ्ट करने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने कभी हमारे सुझावों पर ध्यान नहीं दिया। डीजीपी ने कहा कि उन्होंने नियमित रूप से सुरक्षा के लिहाज से दी गई सलाह का उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा की समीक्षा की गई थी और पाया कि उनके लिए एक पीएसओ की जरूरत थी, लेकिन दो उन्हें दिए गए थे।
उन्होंने कहा कि जो हमला सोमवार को नटिपोरा में हुआ, वह सुरक्षा कवच के बावजूद भी हो सकता है। दिलबाग सिंह ने कहा कि भाजपा नेता वसीम बारी के पास 10 पीएसओ थे लेकिन फिर भी वह मारे गए। उन्होंने कहा कि आज के हमले में हमारे पास काफी सुराग हाथ लगे हैं जिसमें हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की संख्या और वह कहां से आए थे साफ पता चलता है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि पुलिस जल्द उन्हे ट्रैक कर पाएगी और उन्हें उनके अंजाम तक पहुंचाएगी।