कठार गांव में घुसे आतंकवादियों को राज्य में हो रहे चुनाव की पूरी जानकारी थी। इसमें खलल डालना उनका मुख्य मकसद था। मारे गए आतंकी अपने साथ भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार लेकर आए थे। आतंकियों को कठार गांव से जम्मू आने वाले रास्तों की भी जानकारी थी, तभी सीमा से घुसपैठ करने के बाद वह पिंडी गांव की मुख्य सड़क पर पहुंच गए। यहां उन्होंने अपने कपड़े उतारे और सेना की वर्दी पहन ली।
आतंकियों के बारे में पिंडी गांव के सुखदेव राज ने यह बातें बताईं। उन्होंने बताया कि वह किसी काम से सुबह सात बजे के करीब निकले थे। गांव से कुछ दूरी पर पहुंचते ही चार लोग दिखे, जिन्होंने सेना की वर्दी पहन रखी थी।
उन्होंने चारों को राम-राम किया और पूछा कि सर आप यहां क्या कर रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किया गया है। आतंकियों ने सेना की वर्दी पहन रखी थी, इसलिए ज्यादा पूछताछ नहीं की।
इसके बाद वह आगे बढ़ गए। बाद में पता चला कि आतंकी हमला हो गया है। मारे गए चारों आतंकियों के पास से भारतीय करेंसी, चाकलेट, बिस्कुट आदि बरामद हुआ है। वहीं जिस जगह पर घटना हुई, वहां से अंतर्राष्ट्रीय सीमा की फेंसिंग कुछ ही दूरी पर है। आतंकियों को यह अच्छी तरह पता था कि पिंडी पहुंचते ही वह उक्त सड़क से आगे निकल सकते हैं।