घाटी में स्कूल में घुसकर आतंकियों ने हिंदू महिला शिक्षक पर बरसाईं गोलियां, मौत
आपको बता दें कि आतंकियों ने मंगलवार को हिंदू शिक्षिका रजनी बाला को मौत के घाट उतार दिया। घात लगाए आतंकियों ने सांबा की मूल निवासी शिक्षिका पर स्कूल के भीतर बच्चों के सामने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर कर सर्च ऑपरेशन चलाया है।
इस महीने आतंकियों ने एक कश्मीरी पंडित समेत दो हिंदू सरकारी कर्मचारियों की हत्या की है। रजनी बाला (36) और उनके पति राजकुमार अत्री तीन साल से कुलगाम जिले में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। रजनी की तैनाती सरकारी स्कूल गोपालपोरा में थी।
रोजाना की तरह वह स्कूल पहुंचीं तो पहले से घात लगाए आतंकियों ने स्कूल परिसर में उनके प्रवेश करते ही ताबड़तोड़ फायरिंग की। उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में स्कूल के स्टाफ और अन्य लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद कश्मीर से लेकर जम्मू तक जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी के साथ ही उसका पुतला फूंका गया। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने घटना की निंदा की है। इससे पहले, 25 मई को ही मध्य कश्मरी के बडगाम जिले के चाडूरा में आतंकवादियों ने एक कश्मीरी टीवी महिला कलाकार अमरीन भट की घर के बाहर गोलीमार कर हत्या कर दी। गोलीबारी में उसका भतीजा भी घायल हो गया था। उसका इलाज जारी है।
वहीं, मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि जम्मू कश्मीर के कुलगाम में कार्यरत हनुमानगढ़, राजस्थान के निवासी विजय कुमार की आतंकियों द्वारा हत्या घोर निंदनीय है। मैं ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति एवं परिवार को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं। उन्होंने कहा कि NDA सरकार कश्मीर में शांति बहाल करने में असफल रही है। केन्द्र सरकार कश्मीर में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। हमारे नागरिकों की इस तरह आतंकियों द्वारा हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी।