पुलिसकर्मियों की भर्ती कर रहे हैं आतंकी संगठन
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कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन अब पुलिस के कुछ नए कांस्टेबल और एसपीओ को संगठन में भर्ती होने के लिए दबाव बना रहा है। पुलिसकर्मियों पर बिना प्रतिरोध के आतंकियों को हथियार सौंपने का भी दबाव है। सुरक्षा बलों ने आतंकियों की इस बदली हुई रणनीति को गंभीरता से लिया है।
इस बीच हथियार से साथ पुलिसकर्मियों के गायब होने की घटनाएं भी शुरू हो गई हैं। आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद के बाद दक्षिणी कश्मीर से 100 से अधिक कश्मीरी युवक आतंकी संगठनों में भर्ती हुए हैं। उत्तरी और मध्य कश्मीर से 60 युवकों की आतंकी संगठनों में भर्ती हुई है।
हथियार लूटने की अधिकांश घटनाओं में नए आतंकी शामिल रहे हैं। सेना और सुरक्षा बलों द्वारा एलओसी और बार्डर पर सख्ती के बाद आतंकी संगठनों के पास पाकिस्तान से हथियार नहीं आ पा रहे हैं। लिहाजा अब सुरक्षा बलों और पुलिस कर्मियों को घेरकर हथियार लूट की रणनीति पर आतंकी संगठन काम कर रहे हैं।
आतंकियों को मिले हैं हथियार लूट के नए निर्देश
पुलिसकर्मियों की भर्ती कर रहे हैं आतंकी संगठन
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आतंकी संगठनों में भर्ती हुए कश्मीरी युवकों को उनके हैंडलर से हथियार लूट के निर्देशों को सुरक्षा एजेंसियों ने इंटरसेप्ट किया है। इस बाबत कई संदेश पकड़े गए हैं, जिनकी जांच चल रही है। घाटी में आतंकियों ने सुरक्षा बलों से 8 महीने में 90 राइफलें छीनी हैं। इनमें 18 एक के 47, 14 इनसास, 32 एसएलआर राइफलें शामिल हैं। आतंकियों और उपद्रवियों ने लाइट मशीनगन समेत अन्य 26 हथियार भी लूटे। इनके साथ लगभग 10 हजार कारतूस भी लूटे गए।
आतंकियों और उपद्रवियों द्वारा हथियार लूट के कई मामलों में संबंधित पुलिसकर्मियों द्वारा हथियार बचाने का प्रयास नहीं किया गया। कुछ मामलों में पुलिसकर्मियों ने अपने हथियार बिना किसी विरोध के आतंकियों को सौंप दिए। इन मामलों में अब तक 9 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है। हथियार लूट की 23 और बैंक लूट की 16 घटनाएं हो चुकी हैं।
हथियार लूट के मामले में शोपियां में हिजबुल मुजाहिदीन के उमर माजिद का नाम सामने आया था। इन मामलों में आतंकियों की तलाश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक हथियार लूट में शामिल अधिकांश आतंकी कश्मीर के हैं, जिन्हें पाकिस्तान के हैंडलरों से हथियार नहीं लूटने पर जान से मार डालने की धमकी दी जाती है। अनंतनाग बैंक लूट में गिरफ्तार आतंकी ने इसका खुलासा किया है।
फरार पुलिसकर्मी ने दक्षिणी कश्मीर पहुंचाई राइफलें
आतंकियों की नई रणनीति का खुलासा
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बडगाम से शनिवार को चार राइफलों के साथ कांस्टेबल सईद नावेद मुश्ताक के भागे जाने की घटना के बाद आतंकियों की नई रणनीति का खुलासा हुआ है। इस पुलिसकर्मी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का मानना है कि लूटी गईं राइफलें मध्य कश्मीर से दक्षिणी कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के नए आतंकियों के पास पहुंचाई गई हैं। आशंका है कि लूटी राइफलें हिजबुल से अलग हुए पुराने कमांडर जाकिर मूसा के नए संगठन के पास पहुंचाई गईं हैं।