लॉकडाउन की अवधि समेत पिछले दो सप्ताह में चार नागरिकों की हत्या करने वाले चार आतंकियों को सुरक्षा बलों ने कुलगाम में हुई मुठभेड़ में मार गिराया।
शुक्रवार रात पुख्ता जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह सुरक्षा बलों ने कुलगाम जिले में बटपुरा इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों को ढेर कर दिया। आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। सभी आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन के हैं। नादिमर्ग में स्थानीय लोगों की हत्या में इन्हीं आतंकियों का हाथ था।
घाटी में दस महीने के दौरान यह पहली मुठभेड़ है, जिसमें चार आतंकी एक साथ मारे गए हैं। दक्षिण कश्मीर में आतंकियों ने बीते दिनों में अलग-अलग घटनाओं में चार नागरिकों की हत्या की है। इसके मद्देनजर सुरक्षा बलों की इंटेलिजेंस ग्रिड को और सक्रिय किया गया था। इसी बीच शुक्रवार की रात पुख्ता सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाकर कुलगाम जिले के बटपुरा इलाके की घेराबंदी कर ली।
इलाके के लोन मोहल्ले में शनिवार तड़के करीब पांच बजे घेराबंदी कसते देख छिपे आतंकियों ने भागने की कोशिश करते हुए सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि फायरिंग के बाद शुरू जवाबी कार्रवाई में पहले दो आतंकी मारे गए।
इसके बाद फायरिंग भी रुक गई। यहां और आतंकियों के मौजूद होने की संभावना पर सतर्कता बरतते हुए घेरा एक बार फिर कसा गया। इसके बाद दोबारा मुठभेड़ शुरू हो गई। इसमें दो और आतंकी मारे गए। सुरक्षा बलों ने आतंकियों की पनाहगाह बने मकान को भी विस्फोट से उड़ा दिया।
विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल ए सेनगुप्ता ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की शिनाख्त अनंतनाग के आरवनी के मोहम्मद अशरफ मलिक, दमहाल हांजीपुरा के शाहिद सिदीक और चवालगाम के वकार यत्तू के तौर पर हुई, जबकि चौथा उनका सरगना चिमर का रहने वाला एजाज अहमद नायकू उर्फ मुसा था।
एजाज अहमद 22 अगस्त, 2018 को हिजबुल मुजाहिदी से जुड़ा था। इनके पास से एक एसएलआर, एक एके-47, एक इंसास और चीन निर्मित पिस्टल के अलावा इनकी मैगजीन भी मिली हैं।