-बयान बदल कर जांच को भटका रहा, रोज बीमार होने पर ले जाना पड़ रहा अस्पताल
-जेआईसी में भेजना भी काम न आया, 29 जून को राजोरी में पकड़ा गया था
अजय मीनिया
जम्मू। राजोरी जिले में नियंत्रण रेखा से गिरफ्तार आतंकियों के गाइड मोहम्मद आरिफ ने 20 दिन बाद भी सच नहीं उगला है। वह लगातार बयान बदल रहा है। आरिफ को संयुक्त पूछताछ केंद्र (जेआईसी) जम्मू भी भेजा गया, लेकिन वहां भी उसने कुछ नहीं बताया। 10 दिन की पूछताछ के बाद इसे दोबारा राजोरी पुलिस के पास भेज दिया गया। फिलहाल वह जेल में है। पुलिस पूछताछ के लिए दोबारा कस्टडी लेगी।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के डटोट गांव के रहने वाले आरिफ को 29 जून को राजोरी के तरकुंडी सेक्टर में सेना और बीएसएफ ने मिलकर पकड़ा था। पुलिस की पूछताछ में वह लगातार बयान बदल रहा है। वह आतंकियों को पहले भी एलओसी पर लेकर आ चुका है। इसका भाई, पिता और खुद पेशे से नाई हैं। पाकिस्तानी सैन्य अफसरों ने इसे पैसे देकर आतंकियों को एलओसी तक पहुंचाया। ये सारी बातें आरिफ पुलिस को बता चुका है, जिस पर पुलिस यकीन नहीं कर रही।
आरिफ के पास से बिना सिम के सैमसंग सिरीज का एक मोबाइल फोन भी मिला था। इसे भी एफएसएल के पास भेजा हुआ है, लेकिन डाटा अभी नहीं मिला है। इसलिए अभी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। आरिफ रोज बीमार होने की बात भी कहता है, जिसके चलते उसे बार-बार अस्पताल लेकर जाना पड़ता है।
आरिफ को फिर कस्टडी में लेंगे
आरिफ से पूछताछ जारी है। वह हर बार बयान बदल रहा है। सच उगलवाने के लिए उसे जम्मू के जेआईसी भी भेजा। वहां भी इसने ऐसा ही किया। बार-बार बीमार हो जाता है, इसलिए ज्यादा दबाव नहीं बना सकते। उम्मीद है जल्द ही सच्चाई का पता लगा लिया जाएगा। फिलहाल ये जेल में है। इसे फिर कस्टडी में लेंगे।
-गौरव सिकरवर, एसएसपी, राजोरी