कश्मीर घाटी में आतंकवाद के ग्राफ में कमी आई है। आतंकवादियों को अब में नए रंगरूट नहीं मिल रहे हैं। सुरक्षाबलों को जो सफलता मिल रही है उसमें स्थानीय लोगों का पर्याप्त सहयोग है। यह बात पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बुधवार को श्रीनगर में कही।
डीजीपी ने कहा, पिछले कुछ हफ्तों में कामयाब ऑपरेशन अंजाम दिये गए हैं। इसमें कई बड़े कमांडर और ऑपरेटर मारे जा चुके हैं। करीब दो सप्ताह के भीतर दक्षिणी कश्मीर में और बडगाम ऑपरेशन में दो दर्जन से अधिक आतंकी मारे गए हैं। इससे दक्षिणी कश्मीर में आतंकवाद में और कमी देखने को मिलेगी। कहा, आतंकवाद में नई भर्ती का आंकड़ा न के बराबर है। दो माह से ऐसी कोई खबर नहीं है जिससे यह पता चला हो कि कोई नया लड़का आतंकवाद में उतरा हो।
घाटी में करीब 250 आतंकी सक्रिय
उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 250 आतंकी घाटी में सक्रिय हैं। खुशी की बात यह है कि इनको कोई नए लड़ाके नहीं मिल रहे, क्योंकि लोग इस हिंसा के रास्ते की सच्चाई समझ चुके हैं। अगर आगे भी ऐसे ही चलता रहा तो आंकड़ों में और कमी देखने को मिलेगी।
सभी एजेंसियां मिलकर कर रहीं काम
सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हमारी कोशिश है कि ऑपरेशन के दौरान आवाम का नुकसान न हो। हम और चाहेंगे कि अभी भी जो मुठभेड़ स्थलों पर छोटी-मोटी घटनाएं होती हैं और जाने अनजाने में कोई शिकार बनता है उसमें भी लोगों के सहयोग से कमी आए। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वह पत्थरबाजी में शामिल न हों क्योंकि हम नहीं चाहते कि लोगों को कोई नुकसान पहुंचे।