नेकां सांसद बोले- आतंकवाद के खिलाफ 40 वर्षों से लड़ रहे, जम्मू-कश्मीर के लोग हमले का नहीं करते समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के सांसद आगा सैयद रूहुल्ला मेहदी ने बुधवार को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि कश्मीर में व्यक्त आक्रोश साबित करता है कि आतंकी न तो इस्लाम के अनुयायी थे और न ही घाटी के लोगों के शुभचिंतक थे।
मेहदी ने मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, यह आतंकवाद है जिसके खिलाफ हम पिछले 40 वर्षों से लड़ रहे हैं और अपना खून दे रहे हैं। दुर्भाग्य से यह आतंकवाद अभी भी नहीं रुका है। पहलगाम में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए शब्द पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पहलगाम में मारे गए लोगों की क्षति नहीं है, यह हम सभी की क्षति है। उन्होंने कहा, यह उनका खून नहीं है, यह हमारा खून है, जो बहा है। जम्मू-कश्मीर के लोग इसके खिलाफ एकजुट हैं। कल से हो रही प्रतिक्रिया साबित करती है कि जम्मू-कश्मीर के लोग इसका समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, जिसने भी यह किया, वे न तो हमारे धर्म के हैं और न ही जम्मू-कश्मीर के लोगों के हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग कह रहे हैं कि हमारे नाम पर या हमारे धर्म के नाम पर इस तरह की हरकतें और आतंक नहीं किया जाना चाहिए। हमें उम्मीद है कि अपराधियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
हमले ने आतंकवाद खत्म करने के दावों को साबित किया गलत
यह पूछे जाने पर कि भविष्य में इस तरह के हमलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इस पर मेहदी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अपना काम सही तरीके से करना चाहिए। उन्होंने कहा, यह ऐसे सवाल का जवाब देने का समय नहीं है। बेहतर होगा कि वह (शाह) अपना काम करें और सही तरीके से करें। उन्होंने जो दावे किए थे और जो झूठ फैलाया था कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को खत्म कर दिया है, काफी हद तक इस हमले ने उन दावों को गलत साबित कर दिया है। हम कहते थे कि यहां निर्दोषों की हत्या बंद नहीं हुई है और इस झूठ के साथ मुद्दा खत्म नहीं हुआ है। मुझे उम्मीद है कि वे अपने भ्रम से बाहर आएंगे और अपनी नींद से जागेंगे और इस देश की सुरक्षा के लिए काम करेंगे, न कि अपने पार्टी के एजेंडे और प्रचार के लिए।