पुंछ। पाकिस्तानी सेना का पुंछ और राजोरी सेक्टर में सबसे ज्यादा गोलाबारी का मकसद आतंकियों की घुसपैठ करवा उन्हें आसानी से घाटी तक पहुंचाना है। पाकिस्तानी सेना आईएसआई के इशारे पर ये काम कर रही है। सूत्रों के अनुसार यहां से घुसपैठ के बाद आतंकियों को कश्मीर घाटी पहुंचाया जाता है, क्योंकि पुंछ और राजोरी जिलों और कश्मीर घाटी के बीच केवल पीर पंजाल की पहाड़ियां ही हैं। जहां पर कुछ स्थानों को छोड़ कर अन्य स्थान और पहाड़ी रास्ते ऐसे हैं जहां पर सुरक्षा बलों की कोई बड़ी तैनाती नहीं है। इसको ध्यान में रखते हुए पाकिस्तानी सेना इन दो जिलों में सबसे अधिक गोलाबारी की वारदातों को अंजाम देती है।
वहीं रिहायशी इलाकों में पाकिस्तान इसलिए गोलाबारी करता है, ताकि लोग अपने घरों में चले जाएं और आतंकी अपने ठिकानों तक सुरक्षित पहुंच जाएं। ग्रामीणों को पता ही नहीं चले कि आतंकी किस ओर गए हैं। नहीं तो ग्रामीण सुरक्षा बलों को बता देते थे, जिससे वे घाटी पहुंचने से पहले ही रास्ते में मार गिराए जाते थे।
छह माह में 2435 बार संघर्ष विराम तोड़ा
इस साल जनवरी से जून तक छह महीने में पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर में 2435 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। इसमें ज्यादातर गोलाबारी पुंछ और राजोरी में ही की गई है।