शोपियां जिले के यारवान इलाके में सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने गुरुवार को तीन आतंकी ठिकाने ध्वस्त कर दिए। इन ठिकानों में कोई आतंकी नहीं मिला परंतु वहां दहशतगर्दों ने खाने-पीने की सामग्री समेत गृहस्थी का सामान इकट्ठा कर रखा था। यह ठिकाने उसी तरह के थे, जैसे युद्ध क्षेत्र में सेनाएं बनाती हैं। सेना आतंकियों की तलाश कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इन ठिकानों के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी। इसके बाद सेना की 62वीं राष्ट्रीय राइफल्स और शोपियां पुलिस ने वीरवार सुबह सर्च ऑपरेशन चलाया। इनमें कोई आतंकी नहीं मिला। इनमें से एक ठिकाने पर एक डायरी मिली है, जिसमें कई नाम लिखे हुए हैं। आशंका है कि डायरी में लिखे नाम आतंकियों या उनके मददगारों के हो सकते हैं।
जमीन के अंदर बनाए गए थे ठिकाने
बताया जाता है कि सभी ठिकाने जमीन के अंदर गड्ढे खोदकर बनाए गए थे। गड्ढों को लकड़ी और पॉलीथिन से ढका गया था। जो सामग्री मिली है, उसमें पानी के कई ड्रम, बिस्तर, गैस सिलिंडर और चूल्हा, कई महीनों का राशन और कई अन्य जरूरी सामान है।
उधर, पाकिस्तानी गोलाबारी की आड़ में आतंकियों की घुसपैठ की आशंका पर पुलिस और सीआरपीएफ ने निगरानी कड़ी कर दी है। गुरुवार को जवानों ने कटड़ा में देवस्थल बाबा धनसर के साथ ही गांव कनका दबर आदि में गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जवानों ने विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों के साथ ही ग्रामीणों से बातचीत की और पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी संदिग्ध को देखे जाने के साथ ही पुलिस को सूचित करने की अपील की। नशे के सौदागरों पर विशेष नजर रखने को कहा।
सुरक्षाबलों ने हीरानगर के सीमावर्ती इलाकों को खंगाला
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हीरानगर के सीमावर्ती इलाकों में गुरुवार को पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाकर हरिया चक, रठुआ और आसपास के जंगलों और नदी नालों को खंगाला।
पुलिस अधिकारियों ने इसे रूटीन सर्च ऑपरेशन बताया है। 20 जून को अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक रठुआ गांव में बीएसएफ के सतर्क जवानों ने पाकिस्तान से हथियार लेकर आए एक ड्रोन को मार गिराया था। यह हथियार पाकिस्तान की ओर से किन लोगों के लिए भेजे गए थे उनकी तलाश सुरक्षाबलों ने उसी दिन से शुरू कर दी। संदिग्धों को तलाशने के लिए रोजाना तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।