श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के बेगपोरा में हिजबुल कमांडर रियाज नायकू के मारे जाने के दूसरे दिन वीरवार को भी घाटी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। पूरी घाटी में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां नजर आईं, खासतौर पर पुलवामा तथा दक्षिणी कश्मीर के अन्य इलाकों में। मोबाइल तथा इंटरनेट सेवा भी ठप रही। रियाज तथा उसके साथ मारे गए आतंकी का शव पुलिस ने नए एसओपी के तहत परिवार को सौंपने के बजाय सोनमर्ग में दफना दिया।
हिजबुल कमांडर के मारे जाने के बाद हिंसा की आशंका के चलते उत्तरी, मध्य तथा दक्षिणी कश्मीर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। पाबंदियों को और सख्ती से लागू कराया गया। पुलवामा तथा आस-पास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े। बीएसएनएल पोस्ट पेड को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की मोबाइल सेवाएं दूसरे दिन भी स्थगित रहीं। मोबाइल इंटरनेट भी ठप रहा ताकि अफवाहों से बचा जा सके। स
-आतंकियों के शवों को लेकर नई एसओपी
गृह मंत्रालय के निर्देश पर प्रदेश में सुरक्षाबलों ने सभी आतंकियों के शवों को लेकर नई एसओपी तैयार की है। इसके तहत किसी भी आतंकी का शव अब उसके परिवारवालों को नहीं सौंपा जाएगा। इसी के तहत पुलिस ने हाल ही में मारे गए आतंकियों के शव परिजनों की मौजूदगी में खुद ही दफनाए। इससे आतंकियों का महिमा मंडन रुकेगा। पहले यह नीति केवल विदेशी आतंकियों को लेकर थी।
-नायकू के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा में कई घायल
मुठभेड़ खत्म होने के बाद काफी संख्या में लोग मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए। यहां उन्होंने ऑपरेशन में लगे सुरक्षा बलों पर भारी पथराव कर दिया। अपने को बुरी तरह घिरते देखकर सुरक्षा बलों ने पहले तो आंसू गैस के गोले दागकर भीड़ को काबू करने की कोशिश की। इसके बाद भी पथराव जारी रहा तो हवाई फायरिंग की गई। पैलेट गन का भी इस्तेमाल करना पड़ा। बताते हैं कि हिंसक प्रदर्शन में 16 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कुछ को बुलेट इंजुरी है।