हमजा ने कहा कि हिज्ब को हमारी ओर से आखिरी चेतावनी है। सूत्रों की मानें तो लश्कर और जैश के समर्थन वाले टीआरएफ को खड़ा करने के पीछे एक मुख्य उद्देश्य है घाटी में तीन दशकों से हिज्ब की मजबूत पकड़ को कमजोर करना।
गौरतलब है कि अप्रैल के पहले हफ्ते कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में घुसपैठ के दौरान मारे गए 5 आतंकी टीआरएफ के थे। इतना ही नहीं, इसके बाद भी घाटी में कुछ घटनाओं को अंजाम देने के पीछे भी इसी संगठन के आतंकियों का हाथ है। बता दें आतंकी संगठन अल-बदर और लश्कर-ए-तैयबा को प्रतिबंधित किए जाने के बाद टीआरएफ का गठन इन्हीं दो आतंकी संगठनों द्वारा किया गया है।
सूत्रों की मानें तो पीओके में इन्हें पूर्व एसएसजी के जवान कमांडो ट्रेनिंग देते हैं। वर्तमान में करीब 200-250 ट्रेंड टीआरएफ के आतंकी पीओके में विभिन लांचिंग पैड पर घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। हाल ही में एक अधिकारी ने बताया है कि इस बार संभावना है कि पाकिस्तान द्वारा घुसपैठ की अच्छी खासी कोशिश की जाएगी।