- बारूदी सुरंग में धमाके की वजह से वापस भाग निकले थे, भाई और पिता भी करता है नाई का काम
अजय मीनिया
जम्मू। राजोरी में एलओसी से गिरफ्तार आतंकियों के गाइड ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। पता चला है कि वह एक महीना पहले भी आतंकियों के एक समूह को लेकर तरकुंडी सेक्टर में आया था। जैसे ही इन लोगों ने नियंत्रण रेखा पार की तो माइन फट गया और ये वहां से भाग निकले। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) का रहने वाला मोहम्मद आरिफ यह सब पाकिस्तानी सेना के कहने पर करता था।
सूत्रों का कहना है कि आरिफ एलओसी से पांच किलोमीटर दूर रहता है। पूछताछ में आरिफ ने पुलिस को बताया कि पिछले दो महीनों से पाकिस्तान के सैन्य अफसर उसकी दुकान पर आते थे। उसे बार-बार आतंकियों को एलओसी तक पहुंचाने के लिए तैयार करते थे। इसके बदले मोटी रकम दी जाती थी। आरिफ को एलओसी के पूरे इलाके की खबर थी। एक महीना पहले भी इसे पाकिस्तानी सैन्य अफसर ने 30 हजार रुपये दिए। तब भी वह जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को लेकर आया था। बता दें कि आरिफ को 25 जून को बीएसएफ और सेना ने मिलकर तरकुंडी सेक्टर से गिरफ्तार किया था। उसके साथ जैश ए मोहम्मद के चार आतंकी थे। जो आरिफ के पकड़े जाने पर वापस भाग निकले।
मोबाइल चलाने के लिए पड़ोसियों
का वाईफाई इस्तेमाल किया
सूत्रों के अनुसार, मोहम्मद आरिफ के पास जो मोबाइल फोन मिला, वह सैमसंग की जे सीरीज का है। वह इस फोन में फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल नेटवर्क इस्तेमाल करने के लिए पड़ोस में लगे वाई फाई का इस्तेमाल करता था। हालांकि, एलओसी तक पहुंचने के लिए वह अपने फोन को साथ तो रखता था, लेकिन इसमें सिम नहीं रखता था। ताकि कभी अगर पकड़ा जाए तो उसकी कोई जानकारी न मिल सके।
अब जेआईएस में होगी आरिफ से पूछताछ, मांजाकोट से जम्मू शिफ्ट
जम्मू। आतंकियों के गाइड मोहम्मद आरिफ को मांजाकोट पुलिस स्टेशन से जम्मू के संयुक्त पूछताछ केंद्र (जेआईसी) में शिफ्ट किया गया है। आरिफ से यहीं पर पूछताछ होगी। दरअसल, ये बार बार जांच का ध्यान भटकाने के लिए तरह तरह की बातें कर रहा है। इसलिए इसको जेआईसी भेजा गया है, ताकि यहां तमाम जांच एजेंसियां मिलकर इससे अलग-अलग पूछताछ कर इसके बारे अहम जानकारियां निकाले। एसएसपी राजोरी गौरव सिकरवर का कहना है कि आरिफ की बातें बहकाने और भटकाने वाली हैं। इसलिए उसे जेआईसी भेजा गया है।