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पूछताछ में आतंकी नावेद ने किए ये 6 बड़े खुलासे

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आतंकी नावेद से एनआईए पूछताछ कर रही है, जिसमें आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब तक की पूछताछ में आतंकी नावेद ने 6 बड़े खुलासे किए हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
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पहला खुलासा- सूत्रों की मानें तो नावेद ने एनआईए को बताया कि करीब डेढ़ महीने तक वह लगातार ठिकाने बदलता रहा। इस दौरान कश्मीर में सक्रिय आतंकियों और ओवर ग्राउंड वर्करों की मदद मिली। चुरसू, अवंतीपोरा इलाकों में भी रहे।

दूसरा खुलासा- नावेद ने बताया कि वो, मोमिन, ओकाशा फाख्तून और मोहम्मद भाई पाकिस्तान के हलन से 27 मई को चले थे। ट्रक ड्राइवरों, एक बेकरी वाले, एक वेल्डर और कुछ दुकानदारों से भी मदद ली।
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तीसरा खुलासा- नावेद और उसका साथी दो जून को फाजा टाप पर फेंसिंग काटकर भारतीय क्षेत्र में घुसे। जीपीएस के सहारे लगभग 18 किलोमीटर अंदर आए। यहां आशिक भट उर्फ ओबायदा ने अवंतीपोरा के चुरसू तक पहुंचने का बंदोबस्त किया, जहां चार दिन स्थानीय वाशिंदों के साथ गुजारे।
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लश्कर कमांडर अबू हमजा से भी म‌िले थे दोनों

चौथा खुलासा- रमजान का महीना ख्रेऊ बिताया। इन दिनों में लश्कर के कई कमांडरों का आना-जाना लगा रहा। जुलाई के आखिरी हफ्ते में एक अन्य आतंकी दुजाना के साथ उसे काकापोरा पहुंचाया गया। दोनों की मुलाकात एक बेकरी वाले से हुई। उसने एक ओजीडब्ल्यू की मदद से वाहन मुहैया कराया।

पांचवां खुलासा- श्रीनगर पहुंचने पर उसे लश्कर कमांडर अबू हमजा के हवाले कर दिया गया। हमजा ने उसे खुदवानी में वेल्डिंग की दुकान चलाने वाले से मिलवाया। यहीं पर लश्कर कमांडर अबू कासिम मिला। कासिम ने पुलावामा में एक आतंकी ठिकाने तक पहुंचाया जहां मोमिन भी उसके साथ हो गया।

छठा खुलासा- एक हफ्ते बाद कासिम ने बताया कि फिदाईन मिशन पर जाना है। सारी बातें समझाने के बाद कासिम ने दोनों को जम्मू के लिए भेज दिया। तड़के सवा दो बजे हम टनल पार कर रामबन पहुंचे थे। अगली सुबह एक ट्रक से जम्मू के लिए निकले और समरोली में उतरकर वारदात को अंजाम दिया।
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