श्रीनगर एयरपोर्ट के पास बीएसएफ के कैंप पर मंगलवार को हमला करने वाले तीन आतंकियों को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था। मारे गए आतंकवादियों की पहचान नहीं हुई, लेकिन ये तीनों जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी थे। इन आतंकियों के बचे छह साथी आतंकी अभी भी घाटी में हमलों की फिराक में हैं।
जुलाई माह में जैश के कुल 10 आतंकियों ने पाकिस्तान से बारामुला के रास्ते घाटी में घुसपैठ की थी।सूत्रों की मानें तो अगस्त में इन्होंने पुलवामा में जिला पुलिस लाइन पर हमला किया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के 4-4 जवान शहीद हो गए थे। हमला करने वाले तीन आतंकवादी भी मारे गए थे।
इस हमले के बाद जैश के 7 आतंकी बच गए, उन्होंने 2 स्थानीय आतंकियों को अपने साथ मिला लिया। इस तरह फिर 9 आतंकियों की टीम बन गई और ये तीन हिस्सों में बंट गए।
किसी बड़े हमले का प्लान बनाते हुए आतंकियों ने श्रीनगर एयरपोर्ट को के पास स्थित बीएसएफ कैंप को चुना और हमले से पहले 5-6 दिन रेकी करने के बाद मंगलवार को हमला कर दिया, जिसमें सुरक्षा बल के एएसआई शहीद हो गए और तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। तीन आतंकी भी मारे गए।