जैश-ए-मोहम्मद के जिस आतंकी सरगना मसूद अजहर को चीन हर बार संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकी घोषित कराने की भारत की राह में रोड़े बिछाता रहा है उसे नियति ने पिछले डेढ़ साल से बिस्तर से लगा रखा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मसूद अजहर रीढ़ की हड्डी और किडनी से जुड़ी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा था और उसकी हालत बेहद खराब हो चुकी थी। कई मीडिया रिपोर्ट्स में उसकी मौत की अटकलें लगाई जा रही है। फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया है कि 50 वर्षीय मसूद का इलाज रावलपिंडी के कंबाइंड मिलिट्री अस्पताल में चल रहा था और पिछले करीब डेढ़ साल से उसका बिस्तर से उठना तक मुश्किल हो गया था। पाकिस्तान के डॉक्टरों ने अजहर को पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी थी।
भाइयों के बीच बांटा था संगठन
अपनी बिगड़ती हालत के चलते ही इस आतंकी सरगना ने अपने आतंकवादी संगठन को अपने दो भाइयों रऊफ असगर औौर अतहर इब्राहिम के बीच बांट दिया था। मसूद का भाई रऊफ जम्मू-कश्मीर में कई घटनाओं को अंजाम देने में अपनी भूमिका निभा चुका है, जबकि दूसरा भाई अतहर बलूचिस्तान व अफगानिस्तान में आतंकी वारदातों को अंजाम देता है।
भारत में कई बड़े हमले कराने का रहा है मास्टरमाइंड
बिस्तर से लगे होने के कारण ही मसूद को पिछले लंबे अर्से से न तो किसी सार्वजनिक स्थल पर देखा गया और न ही व अपने गृह नगर भावलपुर में दिखाई दिया था। बता दें कि मसूद अजहर 2001 में संसद पर हुए हमले, 2005 में अयोध्या हमले और 2016 को पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले का जिम्मेदार था।