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लॉकडाउन के बीच सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले बढ़े, 13 दिन में 10 जवान शहीद और 18 दहशतगर्द ढेर

Thu, 23 Apr 2020 12:19 PM IST
प्रशांत कुमार अजय मीनिया, जम्मू
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भारतीय सेना - फोटो : बासित जरगर
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पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने के बाद बंद रहे कश्मीर में छह महीनों के दौरान सुरक्षाबलों को इतना नुकसान नहीं हुआ, जितना लॉकडाउन के 28 दिन में उठाना पड़ा है। 25 मार्च से लगे लॉकडाउन को सख्ती से लागू करवाने में लगे सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले बढ़ गए हैं। इस दौरान कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में करीब 18 वारदातें हुई हैं।

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पिछले तेरह दिनों में कश्मीर घाटी में आतंकी हमलों में 10 जवान शहीद हुए। हालांकि इस अवधि में 18 आतंकी भी मारे गए हैं। दूसरी ओर अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद छह महीने में सुरक्षाबलों के पांच जवान शहीद हुए थे, जबकि 30 से 40 आतंकियों को मार गिराया गया था।

दरअसल, इस समय कश्मीर घाटी में तैनात सुरक्षाबल लॉकडाउन से भी जूझ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में इस समय सबसे अधिक कोरोना वायरस के मामले कश्मीर संभाग में ही हैं। आतंक के गढ़ कहे जाने वाले बांदीपोरा, शोपियां, अनंतनाग और बारामुला में कोरोना के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।
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यहां लोगों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाबलों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। सुरक्षाबल कोरोना से निपटने के प्रबंधों में भी लगे हुए हैं, जबकि आतंकी इसकी आड़ में सुरक्षाबलों को निशाना बना रहे हैं।

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जानिए कब और कहां हुए आतंकी हमले

  • 18 अप्रैल: सोपोर में सीआरपीएफ के दो जवान शहीद, एक आतंकी मारा गया।
  • 13 अप्रैल: किश्तवाड़ में एक एसपीओ शहीद, चार दिन बाद दो आतंकी पुलिस ने ढेर कर दिए।
  • 4 से 6 अप्रैल के बीच कुपवाड़ा में पांच जवान शहीद, पांच आतंकी भी मारे गए। 
  • 22 अप्रैलः शोपियां में मुठभेड़, चार आतंकी ढेर।

सारा विश्व कोरोना से लड़ रहा है। कश्मीर में सुरक्षाबल दिन-रात लोगों की सेवा में लगे हैं। इसे प्रभावित करने के लिए आतंकी हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान के लांचिग पैड और आतंकी कैंपों में भी कोरोना फैला हुआ है। बावजूद इसके वह अशांति फैला रहे हैं लेकिन सुरक्षाबल उनके हर हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। - दिलबाग सिंह, डीजीपी, जम्मू-कश्मीर

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