जैश के आतंकी के पास से मिला आधार कार्ड
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जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन अब्दुल रहमान ने पीओके के पुंछ इलाके के बालाकोट ट्रेनिंग कैंप में आईएसआई के निर्देशन में ट्रेनिंग ली थी।
बारामुला के हाजीबल इलाके से आधार कार्ड के साथ पकड़े गए इस आतंकी ने सुरक्षा बलों को पूछताछ में बताया कि ट्रेनिंग के बाद वो और उसके चार साथियों ने जनवरी में घुसपैठ की थी।
उन्हें जैश का संगठन खड़ा करने के लिए स्थानीय युवाओं की भर्ती करने को कहा गया था। साथ ही बड़े फिदायीन हमले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जीओसी डग्गर डिवीजन (बारामुला) मेजर जनरल जेएस नैन ने पत्रकारों को बताया कि जैश के आतंकी को पकड़ने के लिए दो महीने से प्रयास किए जा रहे थे।
युवाओं की भर्ती की कोशिश में था आतंकी
आतंकी को गिरफ्तार कर ले जाते सुरक्षा बल के जवान
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उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। दो महीने में वह सात बार बारामुला आया था। वह बारामुला, कुपवाड़ा और सोपोर में जैश के लिए युवाओं की भर्ती की कोशिश में जुटा था। पूछताछ में उसने माना कि उसे सीमा पार के आकाओं ने जैश का मॉड्यूल तैयार करने को कहा था।
उसने यह भी बताया कि वह तथा उसके चार साथियों का लक्ष्य बड़े फिदायीन हमले को अंजाम देना था। जीओसी ने बताया कि 1-2 आतंकियों के दूरदराज इलाकों में मौजूद होने की जानकारी मिली है। उन्हें ओवर ग्राउंड वर्कर मदद पहुंचा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जैश आतंकी को जिंदा पकड़ने से उन्हें आतंकी नेटवर्क की कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं हासिल करने में मदद मिलेगी। जैश आतंकी से बरामद आधार कार्ड असली है या नकली फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
सेना और पुलिस ने जैश आतंकी के साथियों की धरपकड़ के लिए कई जगह छापामारी की जा रही है। अब्दुल रहमान की सूचना पर बारामुला के साथ ही कुपवाड़ा, सोपोर, लोलाब में सुरक्षा बलों ने दबिश दी है।