जम्मू। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बीच पंजाब और जम्मू-कश्मीर सीमा पर नारको टेररिज्म का खतरा बढ़ गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अगले दो महीने सरहद पार से बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी बढ़ेगी, क्योंकि दोनों प्रदेश के बॉर्डर पर हेरोइन की तस्करी होती है, जो अफगानिस्तान में तैयार होती है। बीएसएफ, सेना और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नए और पुराने रूट चिह्नित कर निगरानी तंत्र मजबूत करने के लिए विशेष प्लान तैयार किया है।
क्रास बॉर्डर तस्करों और तस्करी के रूटों पर त्रिस्तरीय नजर रखी जाएगी। तस्करों और रूटों की सूची साझा कर इन पर निगरानी बढ़ाने का फैसला किया गया है। पहले पंजाब और अब जम्मू कश्मीर को हेरोइन का ट्रांजिट बनाकर तस्करी की जा रही है। जिसे पाकिस्तान वहां से लाकर भारत में भेजता है। क्योंकि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा है और पाकिस्तान भी तालीबान का समर्थन कर रहा है। ऐसे में तमाम सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि पाकिस्तान बड़े स्तर पर हेरोइन को भारत में भेजने की फिराक में है।
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तस्करी के 150 रूटों पर बढ़ाई सतर्कता
क्रास बॉर्डर में शामिल पुराने तस्करों पर बीएसएफ, सेना और एएनटीएफ ने मिलकर निगरानी कड़ी की है। इनके मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी तरीकों से सर्विलांस बढ़ाया गया है। जम्मू-कश्मीर की एलओसी और बॉर्डर पर ड्रग्स की तस्करी के 150 से ज्यादा रूटों पर सुरक्षा को बढ़ाया गया है। 30 से 40 नए रूट भी बीएसएफ और सेना के रडार पर हैं।
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अगले दो महीने चुनौतीपूर्ण
अफगानिस्तान में जिस तरह के हालात हैं। इसके बाद मूवमेंट बहुत ज्यादा हुई है। लोग इधर से उधर हुए हैं। अगले दो महीनों तक सीमा पार से हेेेरोइन की तस्करी बढ़ने की आशंका है, क्योंकि अफगानिस्तान में आर्थिक स्थिति लड़खड़ाई हुई है। माहौल खराब है और ऐसे में आपराधिक और आतंकी तत्व इसका लाभ उठा सकते हैं। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए नारको टेरेरिज्म को बढ़ाने की कोशिशें हो सकती हैं। हमारा नेटवर्क खास नजर बनाए हुए है। पुराने तस्करों और तस्करी के रूट पर निगरानी बढ़ाई गई है।
- विनय कुमार, एसएसपी, एएनटीएफ
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अफगानिस्तान में 10 हजार, भारत में 15 लाख रुपये कीमत
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में चिट्टे के नाम से जानी जाने वाली हेरोइन मूल रूप से अफगानिस्तान से आती है। अफगानिस्तान से जब हेरोइन निकलती है तो इसकी कीमत प्रति किलो 10 हजार से 25 हजार रुपये के बीच होती है। पाकिस्तान में पहुंचने पर इसकी कीमत 1.5 लाख हो जाती है। जब भारत में प्रवेश करती है तो इसकी कीमत 15 लाख प्रति किलो पहुंचती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इसकी कीमत 5 करोड़ तक पहुंच जाती है।
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दो वर्षों में कहां से कितनी हेरोइन बरामद
पिछले दो से तीन सालों में जम्मू-कश्मीर और पंजाब में हजारों करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद की गई है।
19 जुलाई 2021 को एएनटीएफ जम्मू ने 40 करोड़ की हेरोइन अखनूर में बरामद की। जिस पर अफगानिस्तान का टैग लगा था।
4 जुलाई 2021 को पंजाब पुलिस ने दिल्ली में 17 किलो हेेेरोइन के साथ चार अफगानी तस्कर पकड़े।
23 मई 2021 को कुपवाड़ा में पुलिस ने 50 करोड़ की हेरोइन बरामद की
2 मार्च 2021 को कश्मीर में 10 करोड़ की हेरोइन मिली।
जुलाई 2021 में पंजाब में अटारी पर 2600 करोड़ की हेरोइन बरामद की गई। कुल 523 किलो हेरोइन बरामद हुई।
11 जून 2019 को 100 करोड़ की हेरोइन कुपवाड़ा में पकड़ी गई।
26 जुलाई 2020 को तंगधार में 50 करोड़ की हेरोइन
14 सितंबर 2020 को राजोरी में 35 करोड़ की हेरोइन
19 सितंबर 2020 को अरनिया में 315 करोड़ की हेरोइन बरामद की गई।