जम्मू के समीत राजोरी जिले में पंचायती चुनावों के लिए वार्ड गठन प्रक्रिया पर भाजपा-नेकां कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हो गई। इस दौरान पशुपालन मंत्री के पीआरओ गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जीएमसी जम्मू में भर्ती कराया गया है। पीआरओ पर हमले के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मंगलवार को हुए विवाद के बाद से ही बुधवार को सुबह से ही पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन द्वारा इस पूरे इलाके में धारा 144 लागू करते हुए भारी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही इस पूरे इलाके के स्कूलों को बंद करा दिया गया है।
इससे पहले मंगलवार को विवाद के बाद यातायात जाम कर लोगों ने तहसील परिसर के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए मारपीट में शामिल नेकां कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की मांग शुरू कर दी। मंगलवार को कालाकोट में नए वार्ड बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी बैठक बुलाकर विचार-विमर्श कर रहे थे। इस बीच नेकां और भाजपा कार्यकर्ताओं में किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
झड़प में मंत्री का पीआरओ गंभीर रूप से घायल
राजोरी में तनाव
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इस दौरान पहुंचे कालाकोट विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं पशुपालन मंत्री अब्दुल गनी कोहली के पीआरओ मत्तू खान से पहले नेकां कार्यकर्ताओं की बहस हुई। फिर उन्होंने उनकी पिटाई शुरू कर दी। इससे गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें स्थानीय सरकार अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बाद में स्थिति गंभीर होने पर जम्मू भेज दिया गया। भाजपा के जिला महासचिव एडवोकेट विनोद शर्मा, कालाकोट ब्लाक के महासचिव सुनील वर्मा, मंडल प्रधान सरदारी लाल ने बताया कि नेकां कार्यकर्ताओं ने पीआरओ पर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर मर्जी से वार्ड बनवाने का बेबुनियाद आरोप लगाया।
एएसपी नौशेरा और एएसपी राजोरी मौके पर पहुंचे
एएसपी नौशेरा और एएसपी राजोरी मौके पर पहुंचे
- फोटो : डेमो फोटो
धरना-प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ते देख एएसपी नौशेरा अतुल शर्मा, एएसपी राजोरी यूसुफ चौधरी मौके पर पहुंचे और दोनों दलों के साथ बातचीत की। करीब चार घंटे तक चली बातचीत में कोई हल निकल कर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने नेकां के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
कालाकोट के पूर्व एमएलए ठाकुर रछपाल सिंह के बेटे यशोवर्धन सिंह ने पत्रकारों से बताया कि पुलिस ने मंत्री के दबाव में आकर नेकां कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जिन कार्यकर्ताओं का नाम एफआईआर में रखा है, वह मौके पर मौजूद ही नहीं थे। मामले में पूर्व एमएलए रछपाल सिंह ने कहा कि उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने सिट का गठन कर जांच की मांग की है।