फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: पीडब्ल्यूडी के नौशेरा टेंडर विवाद की जांच तेज, एसीबी खंगाल रही फाइलें

विज्ञापन
विज्ञापन
-अब तक नौशेरा, राजौरी और कठुआ में हो चुकी है दबिश
विज्ञापन

-सिंगल टेंडर से शुरू हुए मामले में जुड़ गए हैं जांच के नए पहलू
-विधानसभा के शरदकालीन सत्र में नेता प्रतिपक्ष उठा चुके हैं मामला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। पीडब्ल्यूडी के नौशेरा में टेंडर विवाद की जांच तेज हो गई है। एंटी क्रप्शन ब्यूरो (एसीबी) विभाग की फाइलें खंगाल रही है। टेंडर प्रक्रिया में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के सुबूत तलाशे जा रहे हैं। इस मामले में अब तक पीडब्ल्यूडी कार्यालय नौशेरा समेत राजौरी और कठुआ में भी छापेमारी हो चुकी है। इसमें भाजपा ने बड़ा खुलासा होने का दावा किया है तो उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने किसी भी जांच के लिए तैयार रहने की बात कही है।
एकल टेंडर जारी करने से शुरू हुए इस मामले में अब जांच आगे बढ़ने के साथ नौशेरा में दूसरे निर्माण भी जुड़ गए हैं। इनमें टेंडर जारी होने से पहले काम शुरू होने और पहले से पूरे हो चुके कामों का ट्रेजरी से भुगतान होने के आरोप शामिल हो गए हैं। विधानसभा के शरदकालीन सत्र में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने यह मामला उठाया था। विधानसभा में मामला जांच एलेंसी को सौंपने की बात कही गई थी। भाजपा नेता रविंदर रैना भी इस मामले पर लगातार आक्रामक हैं और उन्होंने मामले की शिकायत उपराज्यपाल से भी की है।
विज्ञापन



कैसे शुरू हुआ मामला
नौशेरा के डीडीसी सदस्य डॉ. मनोहर सिंह ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य के साथ मामला दायर किया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी में सर्कल, डिवीजन और सब डिवीजन स्तर तक के अधिकारियों पर बिना निविदा प्रक्रिया से टेंडर जारी करने और वित्तीय नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए। इसके बाद एसीबी ने इस मामले की पड़ताल शुरू कर दी। जांच के क्रम में अब अलग-अलग जगह छापेमारी हो रही है।

अब तक जांच में क्या
पुलिस उपाधीक्षक स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में एसीबी की एक टीम ने वीरवार को नौशेरा स्थित पीडब्ल्यूडी डिवीजन के कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में दस्तक दी थी। उन्होंने कार्यालय का मुख्य द्वार बंद कर, कार्यालय के अंदर काम कर रहे अधिकारियों और आगंतुकों की आवाजाही पर रोक दी थी। टीम ने करीब दो घंटे कार्रवाई की और इस दौरान, प्रभाग के अधिकारियों, इंजीनियरों के पिछले लगभग पांच वर्षों में आवंटित निविदा कार्यों का रिकॉर्ड एकत्र किया। अधिकारियों के सरकारी और निजी आवासों की भी तलाशी ली।


यह हैं आरोप
डाक बंगला नौशेरा में कॉन्फ्रेंस हॉल में 62.33 लाख रुपये की परियोजना लागत के साथ एक वीआईपी सूट के निर्माण के लिए 13 जून 2025 को टेंडर आमंत्रित किए गए। टेंडर 25 जून 2025 को खोला जाना था। आरोप है कि लगभग 70-75% काम एक ठेकेदार पूरा कर लिया गया, बाद में टेंडर नहीं खोले गए। इसके अलावा सड़क निर्माण कार्य एकल निविदा के तहत प्रतिस्पर्धा के बिना ही चहेतों को टेंडर आवंटित कर दिए गए।


सिंगल टेंडर मामले की जांच जरूरी : रैना
टेंडर से पहले काम शुरू कर दिए गए हैं। सिंगल टेंडर पर काम आवंटित किए गए। यह मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। उपराज्यपाल से मामले की शिकायत की गई है। मामले की जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन

रविंदर रैना, भाजपा नेता


पहले पड़ताल करें, फिर बात : चौधरी
नौशेरा में हुए टेंडर की पड़ताल करें, फिर बात करें। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने कुछ किया है तो बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा ने 11 साल में कितने सिंगल टेंडर लगाए इसकी भी जानकारी उन्हें है। पीडब्ल्यूडी सचिव मामले की जांच करेंगे।
सुरिंदर चौधरी, उपमुख्यमंत्री
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें