लेकिन इनमें से केवल सात पदों पर ही जेडईओ नियुक्त हैं। बाकी के आठ पद रिक्त पड़े हैं। आठ पदों के कार्यभार या तो किसी प्रिंसिपल के पास है या किसी हेडमास्टर के पास। ये अधिकारी पूरा समय अपने-अपने अतिरिक्त जोनों में नहीं दे सकते हैं।
यही कारण है कि समय पर वेतन प्रदान करने में समस्या आती है। वहीं राजोरी टीचर्स यूनियन के जिला प्रधान राजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वह रिक्त पड़े जेडईओ के पदों को जल्द भरें, ताकि समय पर हर कार्य हो सके।
उन्होंने सरकार के प्रति कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को ईद पर सभी सरकारी कर्मचारियों को वेतन दे देना चाहिए था।